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गुजरात-केरल में बारिश से तबाही, चक्रवात की चेतावनी,  लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

 NewDelhi :  गुजरात और केरल में बारिश तबाही मचा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि गुजरात के कच्छ क्षेत्र के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र शुक्रवार तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है, जिसके बाद जिले में अधिकारियों ने झोपड़ियों और अस्थायी घरों में रह रहे लोगों को स्कूलों, मंदिरों या अन्य इमारतों में आश्रय लेने को कहा है.  उधर केरल के कई जिलों में शुक्रवार को सुबह भारी बारिश हुई, जिससे विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर जलभराव और यातायात जाम हो गया. साथ ही, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. https://lagatar.in/devastation-due-to-rain-in-kutch-kerala-cyclone-warning-people-advised-to-go-to-safe-places/kerala-3/"

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कच्छ के जिलाधिकारी अमित अरोड़ा ने वीडियो संदेश जारी कर चेताया

आईएमडी की चेतावनी के बाद, कच्छ के जिलाधिकारी अमित अरोड़ा ने एक वीडियो संदेश जारी कर अबडासा, मांडवी और लखपत तालुका में रह रहे लोगों से अपनी झोपड़ियों और कच्चे घरों को छोड़कर किसी स्कूल या अन्य इमारतों में शरण लेने के लिए कहा. उन्होंने स्थानीय लोगों से, शुक्रवार शाम तक के लिए ऐसे गरीब वर्ग के लोगों को अपने घरों में शरण देने के लिए आगे आने की अपील की है.

भूपेंद्र पटेल गुरुवार रात गांधीनगर में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे

आईएमडी ने  गुरुवार रात एक बयान में कहा, ‘कच्छ और आसपास के इलाकों में बने गहरे दबाव के, अगले 12 घंटे के दौरान उत्तर-पूर्व अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ने और एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के आसार हैं. इसके बाद यह अगले दो दिनों के दौरान भारतीय तट से दूर पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि आईएमडी की चेतावनी के बाद, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार रात गांधीनगर में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अरोड़ा से जिला प्रशासन की तैयारियों के बारे में बात की.

जमीन पर बना गहरा दबाव समुद्र में चक्रवाती तूफान में बदल गया है

अगर गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवात का रूप ले लेता है तो इसका नाम असना रखा जायेगा, जो पाकिस्तान द्वारा सुझाया गया नाम है. यह एक दुर्लभ घटना है कि जमीन पर बना गहरा दबाव समुद्र में चक्रवाती तूफान में बदल गया है. इतना ही नहीं, अगस्त में अरब सागर में चक्रवात का बनना भी दुर्लभ है. आईएमडी ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान समुद्र की स्थिति खराब रहेगी, ऊंची लहरें उठेंगी और गुजरात तट पर हवा की गति 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है.

केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश, सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट  

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने राज्य के एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, कोझीकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए दिन के वास्ते ऑरेंज अलर्ट जारी किया. इसने तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया. मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है. ये रंग और इनके संदेश.... ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत) हैं.

ऑरेंज अलर्ट का मतलब बेहद भारी बारिश

आईएमडी ने दिन में राज्य के कोल्लम, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ आंधी-तूफान का अनुमान जताया है. इसके अतिरिक्त, इसने कहा कि तिरुवनंतपुरम, पथनमथिट्टा और त्रिशूर जिलों में मध्यम बारिश और लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने के आसार हैं. ऑरेंज अलर्ट का मतलब बेहद भारी बारिश (छह से 20 सेंटीमीटर), जबकि येलो अलर्ट’ का मतलब भारी बारिश (छह से 11 सेंटीमीटर के बीच) होता है. भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर, केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है. नदी के किनारे और बांधों के निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्कता बरतने और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थानों या शिविरों में शरण लेने की सलाह दी गयी है.

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