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स्टार्टअप्स कंपनियों का विकास सरकार के सहयोग से संभव : चैंबर

रांची : झारखंड स्टार्टअप्स पॉलिसी के तहत झारखंड की स्टार्टअप्स कंपनियां लाभांवित हो सकें, इसके लिये फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के सूचना प्रोद्यौगिकी ई गवर्नेंस विभाग की सचिव विप्रा भाल व स्टार्टअप हेड दयाशंकर वर्मा से मुलाकात की. विभागीय अधिकारियों ने कहा कि झारखंड के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में अधिसूचित पॉलिसी काफी बेहतर बनाई गई है. इसमें स्थानीय जरूरतों को देखते हुए कई आकर्षक प्रावधानों का समावेश किया गया है. चैंबर के स्टार्टअप उप समिति के चेयरमेन अमित अग्रवाल ने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व में चिन्हित किये गये 107 स्टार्टअप्स के वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर चैंबर अपनी रिपोर्ट विभाग को जल्द ही सौंपेगा. साथ ही जो स्टार्टअप्स वर्तमान में चल रहे हैं, उन्हें सरकार से सपोर्ट मिलता था. उन्हें भी त्वरित निष्पादन के लिए विभाग द्वारा आश्वस्त किया गया. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-youth-dies-due-to-drowning-in-topchanchi-lake/">धनबाद

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प्रतिनिधिमंडल ने सरकार की वर्तमान पॉलिसी के प्रावधानों की सराहना किया. उन्होंने कहा कि पॉलिसी के जरिए सरकार ने इस वर्ष के अंत तक झारखंड में कम से कम 1000 नये स्टार्टअप्स शुरू किये जाने का लक्ष्य रखा है, जो उत्साहित करनेवाली है. अपने क्षेत्रीय उपाध्यक्षों के माध्यम से राज्य के प्रत्येक प्रमंडलों में जागरूकता कॉन्क्लेव जैसे आयोजनों के माध्यम से राज्य में नये स्टार्टअप्स की संख्या में वृद्धि के लिये चैंबर ने प्रयास करने की बात कही. झारखंड के चार इन्स्टीच्यूट को चिन्हित कर उसमें 5 इन्क्यूबेशन सिस्टम स्थापित किये जायेंगे. इसके साथ ही 50 लाख रु. प्रतिवर्ष का अनुदान दिया जायेगा. प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रावधान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक युवा उद्यमियों को इस प्रावधानों का लाभ दिलाने में विभाग के साथ सहयोगात्मक भूमिका में प्रयास करने के लिए आश्वस्त किया. महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव संग बैठक प्रतिनिधिमंडल की अन्य बैठक महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव मनोज कुमार के साथ हुई. राज्य के यंगस्टर्स में नशा लेने की बढ़ रही प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने विभाग द्वारा एक ड्राइव चलाने की ईच्छा जताया. इस अभियान में झारखंड चैंबर को सहभागी बनाने का आग्रह किया जिसपर प्रतिनिधिमंडल ने हरसंभव सहयोग के लिए आश्वस्त किया. प्रतिनिधिमंडल में चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, कार्यकारिणी सदस्य राम बांगड, स्टार्टअप उप समिति के चेयरमेन अमित अग्रवाल शामिल थे. इसे भी पढ़ें : जो">https://lagatar.in/what-does-not-belong-to-lord-ram-is-of-no-use-dr-mohan-yadav/">जो

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