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DGP नियुक्ति मामलाः डीजी रैंक की इकलौती महिला IPS को मौका देने के लिए नियम में संशोधन किया गया

Ranchi : डीजीपी नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की तरफ से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि DGP रैंक में प्रोन्नत महिला अधिकारी तदाशा मिश्रा को मौका देने के लिए नियम में संशोधन किया गया. कपिल सिब्बल ने बाबूलाल मरांडी की ओर से डीजीपी नियुक्ति में मनमानी करने की दलील के जवाब में यह बात कही.
 
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

Ranchi : डीजीपी नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की तरफ से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि DGP रैंक में प्रोन्नत महिला अधिकारी तदाशा मिश्रा को मौका देने के लिए नियम में संशोधन किया गया. कपिल सिब्बल ने बाबूलाल मरांडी की ओर से डीजीपी नियुक्ति में मनमानी करने की दलील के जवाब में यह बात कही. 

 

सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि Amicus Curiae की रिपोर्ट पर सरकार का पक्ष कल पेश करेंगें. इसके बाद झारखंड में DGP नियुक्ति के मुद्दे पर कोर्ट दिशा निर्देश जारी करेगा. बुधवार (23 सितंबर) को पहली पाली में सिर्फ ओड़िसा के मामले में सुनवाई हो सकी थी. इसके बाद दूसरी पाली में भी सुनवाई हुई. गुरूवार (24 सितंबर) को भी इस मामले की सुनवाई होगी.

 

उल्लेखनीय है कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दूसरी पाली में ओड़िशा के IPS अधिकारी सुशांत कुमार नाथ की ओर से उनकी Integrity Certificate वापस लिये जाने को गलत साबित करने के लिए दलील पेश की गयी. इसके बाद बाबूलाल मरांडी की ओर से DGP नियुक्ति के मामले में दलील पेश की गयी. 

 

बाबूलाल मरांडी की तरफ से यह कहा गया कि झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति में मनमानी की जाती है. यूपीएससी के पैनल से नियुक्त डीजीपी को समय से पहले पद से हटा दिया गया. बाद में उन्होंने खुद ही इस पर रहने की अनिच्छा जतायी. 

 

इसके बाद राज्य सरकार ने डीजीपी नियुक्ति के लिए अपना नियम बनाया. इस नियम के आलोक में अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाया गया. लेकिन केंद्र सरकार ने अनुराग गुप्ता के रिटायमेंट के बाद सेवा विस्तार का लाभ देने से इनकार कर दिया. इसके बाद इस नियम में बदलाव कर रिटायरमेंट से एक दिन पहले तदाशा मिश्रा को डीजीपी के पद पर नियुक्त किया गया. Amicus Curiae ने भी नियम में संशोधन और डीजीपी की नियुक्ति को गलत बताया है.

 

बाबूलाल मरांडी की ओर से दलील समाप्त होने के बाद वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में डीजीपी नियुक्ति नियमावली बनायी है. Amicus Curiae ने सिर्फ नियम-5 में संशोधन पर आपत्ति की है. 

 

कपिल सिब्बल ने नियम-5 संशोधन की बात स्वीकार की. साथ ही यह भी कहा कि तदाशा मिश्रा डीजीपी रैंक में प्रोन्नत इकलौती महिला अधिकारी हैं. उन्होंने नक्सल व अपराध के क्षेत्र में प्रभावकारी काम किया है. सरकार ने इस इकलौती महिला अफसर को मौका देने के लिए नियम पांच में संशोधन किया है. उन्होंने कहा कि वह  Amicus Curiae की रिपोर्ट पर कल राज्य सरकार का पक्ष पेश करेंगे.

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