साहू गिरोह के सुनील मीणा का गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से सीधा संपर्क, वीडियो कॉल पर बात करते तस्वीरें आयी सामने
इन मुख्य बिंदुओं पर होगी समीक्षा
-कौन से पिकेट अनावश्यक हैं उन्हें हटाया जा सकता है. -क्या सभी महत्वपूर्ण नक्सली और उससे अलग हुए संगठन की प्रोफाइल बनाकर रखी जा रही है? -कोई बड़ा नक्सली जो जमानत पर रिहा हुआ हो. -एसपीओ की भूमिका और स्थिति. -पुलिस चौकियों का सुरक्षा ऑडिट. -समर्पण राशि के भुगतान की स्थिति, यदि कोई हो. -मुआवजा राशि का बकाया भुगतान. -क्या फरार नक्सलियों की संपत्ति की कुर्की की जा रही है?. -क्या पुलिस/सीआरपीएफ/सीपीएमएफ पिकेट को दुश्मन के बारे में पता है? क्या उन्हें अपने दुश्मन को मारने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है?. -खुफिया जानकारी एकत्र करने और खुफिया जानकारी साझा करने में कोई समस्या? -कोई ऐसा क्षेत्र जहां मोबाइल संचार काम नहीं कर रहा है? -कोई महत्वपूर्ण सड़क, पुल, पुलिया जिसे बनाने की आवश्यकता है? इसे भी पढ़ें -सेबी">https://lagatar.in/sebi-chief-accepted-many-facts-of-the-report-in-his-statement-hindenberg/">सेबीप्रमुख ने अपने बयान में रिपोर्ट के कई तथ्यों को स्वीकाराः हिंडेनबर्ग [wpse_comments_template]
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