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धनबाद : जेनरिक पेपर की परीक्षा को लेकर बीबीएमकेयू के डेढ़ लाख छात्र असमंजस में

 

सत्र 2016-19 के बाद छह सत्रों के विद्यार्थियों को देनी है सेकेंड जेनरिक पेपर की परीक्षा

Dhanbad : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के यूजी एकेडमिक सत्र 2016 -19 से 2021-24 तक के करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को यूजी का प्रमाणपत्र अपडेट करने के लिए सेकेंड जेनरिक पेपर की परीक्षा देनी है. लेकिन बीबीएमकेयू प्रशासन में  परीक्षा को लेकर अब तक कोई सुगबुगाहट नहीं होने से विद्यार्थी असमंजस में हैं. इन एकेडमिक सत्रों के छात्रों की सेकेंड जेनरिक पेपर की परीक्षा के संबंध में विवि  ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. वहीं बीबीएमकेयू के ही सत्र 2015-18 के विद्यार्थियों की परीक्षा विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा ली जा रही है. जबकि राज्य के दूसरे विश्वविद्यालयों में जेनरिक पेपर की परीक्षा या तो ली जा चुकी है या फिर इसके लिए फॉर्म भरवा लिया गया है.

छह सत्रों की होगी परीक्षा

चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के अंतर्गत बीबीएमकेयू के छह एकेडमिक सत्रों के विद्यार्थियों की सेकेंड जेनरिक पेपर की परीक्षा ली जायेगी. विवि के एकेमिक सत्र 2016-19, 2017-20, 2018-21, 2019-22, 2020-23 और 2021-24 के करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं. प्रत्येक सत्र के विद्यार्थियों को चार परीक्षाएं देनी होंगी. ऐसे में विश्वविद्यालय को कुल 24 परीक्षाओं का आयोजन करना होगा.

इंटरनल परीक्षाएं करेंगी विद्यार्थियों को परेशान

ज्ञात हो कि प्रत्येक जेनरिक पेपर के लिए अलग से इंटरनल परीक्षा ली जानी है. हालांकि बीबीएमकेयू के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों ने सत्र 2015-18 के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रश्न उपलब्ध कराकर  असाइनमेंट जमा करने का निर्देश देकर उनकी थोड़ी मुसीबत कम की है.

इन छात्रों के लिए जरूरी है परीक्षा

सेकेंड जेनरिक पेपर की परीक्षा बीएड और शोध के क्षेत्र में करियर बना रहे विद्यार्थियों के लिए जरूरी है. स्नातक में एक जेनरिक पेपर की पढ़ाई कम करने के कारण यहां के छात्रों को केंद्र सरकार की नौकरियों में दिक्कतें आ रही हैं. उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में यूजी सत्र 2015-18 से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू किया गया था. लेकिन सभी विवि में यूजी के पहले चार सेमेस्टर में दो जेनरिक पेपर की जगह एक ही पेपर की पढ़ाई हुई थी. जबकि यूजीसी के अनुसार यूजी में छात्रों को दो जेनरिक पेपर पढ़ाना था. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-disabled-shubham-and-prachi-winners-in-garba/">धनबाद

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