Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद : फर्जी दस्तावेज पर ड्यूटी करनेवाले 12 होमगार्ड बर्खास्त

Advertisement
Advertisement

स्पेशल टीम कर रही फर्जीवाड़े की जांच

Dhanbad : फर्जी दस्तावेज पर ड्यूटी करनेवाले 12 होमगार्ड जवानों को होमगार्ड डीजी अनिल पाल्टा ने बर्खास्त कर दिया है. सभी जवान 2008 में बहाल हुए थे. पिछले दिनों इनकी शिकायत डीजी से हुई थी. इसमें लिखा गया कि धनबाद समेत झारखंड में हजारों जवान फर्जी दस्तावेज पर बहाल होकर नौकरी कर रहे हैं. डीजी के निर्देश पर जांच हुई तो पता चला कि 12 जवान फर्जी दस्तावेज पर ड्यूटी कर रहे थे. इसके अलावा सैकड़ों जवान ऐसे हैं, जो फर्जी दस्तावेज पर आज भी नौकरी कर रहे हैं. कई जवान तो कार्रवाई व केस के डर से झारखंड छोड़कर बिहार भाग गए हैं. जानकारों का कहना है कि झारखंड में धनबाद समेत 24 जिलों के विभिन्न प्रखंडों में फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र पर बहाल 8 हजार से अधिक होमगार्ड पिछले 15 वर्षों से ड्यूटी कर रहे है. स्पेशल टीम पूरे झारखंड में जांच कर रही है. जांच शुरू होते ही राज्य के कुछ जिलों से फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से बहाल हुए कई होमगार्ड लवान  गिरफ्तारी और जेल जाने के डर से चुपके से छुट्टी लेकर बिहार चले गए हैं. पूर्व में फर्जी कागजात के आधार पर बहाल झारखंड के कई जिलों से होमगार्ड जेल जा चुके हैं.

झारखंड में बहाल 60 फीसदी होमगार्ड बिहार के 

जानकारी के अनुसार, झारखंड में बहाल हुए होमगार्ड में 60 फीसदी जवान बिहार के हैं. ये लोग झारखंड के विभिन्न जिलों में किराया का घर लेकर रह रहे हैं और दलाल के माध्यम से उसी पता के आधार पर फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र बनवा लिए हैं. जबकि नियमत: किराया के घर में रहनेवालों का आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनता है. जिसका स्थायी घर है, उसी का आवासीय प्रमाण पत्र उस जिले के संबंधित कार्यालय से बनता है. वर्तमान समय में धनबाद में 800 और राज्य के 24 जिलों में 22 हजार होमगार्ड हैं. जिनका वेतन रोजाना 500 रुपये के हिसाब से 15000 रुपये मिलता है. जितना दिन ड्यूटी करेंगे, उतने दिन का ही वेतन मिलता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-former-jip-member-sahdev-joins-jdu/">धनबाद

: पूर्व जिप सदस्य सहदेव जदयू में शामिल
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही