9 वर्षों की लड़ाई के बाद मिली 71 डिसमिल जमीन
परीक्षा भवन व मल्टीपरपस हॉल के निर्माण के लिए वर्ष 2013 में आईआईटी-आईएसएम के गेट के समीप 71 डिसमिल जमीन आवंटित की गयी थी. 65 लाख रुपये का आवंटन भी किया गया था. लेकिन आईआईटी ने इस जमीन पर दावा ठोंक दिया. पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के पीछे की जमीन देने का लालच देकर आईआईटी ने वह जमीन ले ली. लेकिन कॉलेज को बदले में जमीन नहीं दी. जिसके बाद पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज ने जिला प्रशासन, सरकार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास दौड़ लगानी शुरू कर दी. एचआरडी व सरकार के हस्तक्षेप पर 9 वर्षों के बाद 2 माह पूर्व ही कॉलेज को वापस जमीन आवंटित की गई है. भूमिपूजन के बाद कॉलेज प्रबंधन ने भवन निर्माण के लिए टेक्निकल सेक्शन (टीएस) के लिए आवेदन किया है.फिसल गई कोला कुसमा की चार एकड़ जमीन
कॉलेज को कोला-कुसुमा मौजा में पीजी सेंटर के विस्तार के लिए 2 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई थी. मापी होने के बाद कॉलेज ने इस ओर कभी मुड़ कर नहीं देखा. इस वजह से यह जमीन वर्षों तक परती रही. बाद में जमीन को झारखंड विद्युत वितरण निगम ने सब स्टेशन बनाने के लिए आवंटित करा लिया. जब बिजली विभाग वहां काम करने पहुंचा तो प्रबंधन की नींद खुली. लेकिन यह जमीन कॉलेज के हाथ से निकल गई.9.42 एकड़ जमीन के लिए एचआरडी से आस
पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के पीछे की 9.42 एकड़ जमीन की समय पर घेराबंदी नहीं कराने का खामियाजा कॉलेज को भुगतना पड़ा. लंबे समय से परती पड़ी इस जमीन को डीजीएमएस ने अधिग्रहण कर लिया है. अब कॉलेज की नींद खुली तो आनन-फानन में बैठक बुलाकर विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया. अब कमेटी बनाकर मानव संसाधन विभाग को अवगत कराने की तैयारी चल रही है.कोला कुसुमा वाली जमीन पर दावा छोड़ा : प्राचार्य
[caption id="attachment_353889" align="aligncenter" width="293"]alt="" width="293" height="300" /> PK मेमोरियल कॉलेज के प्राचार्य, डॉ BK सिन्हा[/caption] पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज प्राचार्य डॉ बीके सिन्हा ने कहा कि "कोला कुसुमा वाली जमीन बिजली विभाग को आवंटित कर दी गई है. इस पर कॉलेज ने दावा छोड़ दिया है. लेकिन डीजीएमएस द्वारा एक़्वायर की गई 9.42 एकड़ जमीन के लिए कॉलेज ने दस्तावेज जमा कर लिए हैं. कॉलेज व विवि के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इस मामले को एचआरडी में ले जाएगा. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-anm-nursing-school-is-running-without-teachers-there-is-a-possibility-of-closure/">धनबाद:
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