Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद : प्रतिबंधित थाई मांगुर के व्यवसाय को लेकर 2 गुट आमने-सामने, 3 लोग हिरासत में

Advertisement
Advertisement
Maithon : मैथन इलाके में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के व्यवसाय में वर्चस्व को लेकर दो गुट आमने-सामने हो गए हैं. एक गुट ने बुधवार की रात थाई मांगुर मछली लदे दूसरे गुट के पिकअप वाहन को पकड़कर मैथन पुलिस को सौंप दिया.इससे दोनों गुटों में तनाव की स्थिति है. इधर, मैथन पुलिस ने मांगुर मछली लदे पिकअप को जब्त कर उसके चालक विश्वनाथ मंडल, खलासी रंजीत प्रसाद व मछली की देखरेख करने वाले एम रहमान को हिरासत में ले लिया है. हिरासत में लिये गये लोगों ने पूछताछ में बताया कि रात में बंगाल बॉर्डर पार कर मैथन के मुकुल पेट्रोल पंप के समीप मछली का पानी बदल रहे थे. इसी बीच कुछ लोग आये और कहने लगे कि तुमलोग हमारे यहां से चालान-बिल्टी नहीं लेते हो, इसलिए धंधा नहीं करने देगें. बताया कि मछली पश्चिम बंगाल के मोगरा से मो. मुर्तजा आलम उर्फ कोच्चि ने लोड कराया था, जिसे बिहार के गया में साजिद भाई के पास पहुंचाना था.  

मांगुर मछली लदे 30-35 ट्रक रोजाना बंगाल से झारखंड आते हैं

इस अवैध कारोबार में दो गुट शामिल हैं. दोनों अपना वर्चस्व कायम करने के लिये पैसा, पावर और पहुंच का इस्तेमाल करते हैं. दोनों गुटों को सताधारी दल के विधायक, मंत्री व उच्च पुलिस पदाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है. सूत्रों के अनुसार रोजाना थाई मांगुर मछली लदे 30-35 ट्रक बंगाल से झारखंड में प्रवेश करते हैं. प्रत्येक गाड़ी से 15 हजार रुपये वसूला जाता है. अनुमानतः रोजाना पांच लाख रुपये की वसूली होती है. इसलिये लाखों की कमाई को कोई गुट आसानी से छोड़ना नहीं चाहता है.

बांग्लादेश से कोलकाता होते हुए झारखंड में करते हैं प्रवेश

बांग्लादेश में थाई मांगुर मछली का उत्पादन ज्यादा होता है. वहां से पश्चिम बंगाल के कोलकाता के वशीरहाट, नैहटी व अन्य कई स्थानों पर इसे लाया जाता है. फिर पिकअप या अन्य वाहनों से झारखंड सीमा में प्रवेश कर बिहार, यूपी, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में भेजा जाता है. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-camp-was-organized-and-pending-cases-of-rejection-should-be-executed-soon-dc/">बोकारो

: शिविर लगा दाखिल खारिज के लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करें- डीसी
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही