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धनबाद:  नाबालिग से अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपी को बीस वर्ष कैद

Dhanbad :  नाबालिग के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपी कार्मिक नगर सरायढेला निवासी संजीत कुमार चौहान को धनबाद पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने बीस वर्ष की कैद एवं आठ हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है. गुरुवार को अदालत ने उसे दोषी करार दिया था तथा सजा पर सुनवाई के लिए शुक्रवार 2 जून की तारीख तय की थी. पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत पर लोयाबाद थाना में 21 अगस्त 21 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 19 अगस्त 21 को आरोपी पीड़ित बच्चे को पिता से मिलाने की बात कह सुनसान जंगल में ले गया व अप्राकृतिक यौनाचार किया. जब पीड़ित बच्चे ने विरोध किया तो आरोपी ने चाकू से उस पर हमला कर दिया. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 12 अक्टूबर 21 को आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था. 26 नवंबर 21 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी. अभियोजन ने कुल छह गवाहों का बयान दर्ज कराया था.

  नाबालिग से दुराचार का दोषी करार, सजा 3 जून को

धनबाद : नाबालिग से दुराचार के आरोपी बलियापुर निवासी उत्तम डे उर्फ़ उत्तम मोदक को पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने आज  दोषी करार दिया है. हालांकि अदालत ने उत्तम डे उर्फ उत्तम मोदक, अविनाश हलदर उर्फ मुन्ना एवं विकास राय उर्फ बाबा को प्रतिमा डे की हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया. अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए शनिवार 3 जून की तारीख तयत की है. प्राथमिकी मृतका प्रतिमा डे के पिता की शिकायत पर बलियापुर थाने में दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक मृतका प्रतिमा डे की शादी उत्तम डे के साथ वर्ष 17 में हुई थी. शादी के बाद उत्तम डे का संबंध अपनी साली के साथ हो गया था, जिसका उसकी पत्नी विरोध करती थी. 23 नवंबर 28 को उत्तम ने पत्नी प्रतिमा को डॉक्टर से दिखाने के बहाने घर से मोटरसाइकिल पर ले गया व रुपूडीह जंगल में धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने अनुसंधान के बाद 9 फरवरी 22 को आरोप पत्र दायर किया था. पुलिस ने दावा किया था कि उत्तम डे ने पत्नी प्रतिमा की हत्या के लिए अविनाश हलदर उर्फ मुन्ना एवं विकास राय उर्फ बाबा को सुपारी दी थी. हालांकि हत्या का आरोप अभियोजन साबित नहीं कर सका. अभियोजन ने पन्द्रह गवाहों का परीक्षण कराया था. [wpse_comments_template]

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