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धनबाद: आधी रात के बाद 200 मरीज पहुंचे अस्पताल, मची अफरा तफरी

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad). बलियापुर के भोक्ता मेला में गोल गप्पे, चाट तथा छोला बटूरा खाने के बाद 200 बच्चे बुजुर्ग और महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. गोलगप्पे खाने के साथ उनके पेट में असहाय दर्द होने लगा और उलटी आने लगी. मरीजों की संख्या इतनी अधिक थी कि अस्पताल में बिस्तर नहीं मिला. किसी को जमीन पर लिटा कर तो कहीं एक ही बेड पर दो या तीन मरीजों का इलाज किया गया. इस बीच एसएनएमएमसीएच के डॉक्टर, नर्स व स्वास्थ्यकर्मी भी परेशान रहे. आधी रात के बाद इस अप्रत्याशित घटना के शिकार ज्यादातर बच्चे हुए. हालत ऐसी हो गई कि अस्पताल के बरामदे में बच्चों को लिटाकर स्लाइन चढ़ाया गया.

 अस्पताल प्रबंधन ने दिखाई तत्परता

एकाएक इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को देख अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल स्टूडेंट सहित सभी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टाफ को इलाज में लगा दिया. हालांकि अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी तत्परता से हालात को संभाला. गुरुवार की सुबह तक 100 से अधिक लोगों काइलाज चलता रहा. दर असल बलियापुर प्रखंड के करमाटांड़ पंचायत के हुचूक गांव में भोक्ता मेला लगा था. शाम में महिला, पुरष और बच्चों ने गोल गप्पे, छोला बटूरा और चाट खाया था. रात 10 बजते ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. आधी रात होते-होते अस्पतालों के बेड भर गए. जिन्हें जहां जगह मिली, चिकित्सक इलाज में लग गए. हालांकि शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष उमेश कुमार ओझा ने गुरुवार 20 अप्रैल को बताया कि दो को छोड़ अधिकसंख्य मरीजों को रिलीज कर दिया गया है. [caption id="attachment_614440" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/bed-marij-300x169.jpeg"

alt="" width="300" height="169" /> एक ही बेड पर दो मरीजों का हो रहा इलाज[/caption] बता दें कि शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी वार्ड बुधवार की रात्रि मरीजों से भर गया. बीमारों में 1 वर्ष के बच्चे से लेकर 90 वर्ष तक के वृद्ध शामिल थे. इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के एक साथ आने पर एसएनएमएमसीएच में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई. अधिकतर मरीजों का इलाज जमीन पर लिटा कर किया गया.

  चाट गुपचुप और छोला बटुरा खाकर पड़े बीमार

[caption id="attachment_614443" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/jamin-par-300x135.jpeg"

alt="" width="300" height="135" /> जमीन पर बिठा कर बच्चों को चढ़ाया जा रहा स्लाइन[/caption] ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार 19 अप्रैल को गांव में भोक्ता मेला लगा था, जिसमें करमाटांड़ पंचायत सहित आसपास की कई पंचायतों के लोग पहुंचे थे. मेले में शाम 4:00 से 6:00 के बीच बड़ी संख्या में महिला, पुरुष व बच्चों ने एक ठेला पर गुपचुप, चाट और छोला-भटूरा खाया. जिन जिन लोगों ने खाया था उनकी तबीयत शाम होते ही बिगड़ने लगी. देखते ही देखते एसएनएमएमसीएच का इमर्जेंसी वार्ड मरीजों से खचा खच भर गया.

  विधायक व एसएनएमएमसीएच अधिकारियों की उड़ी नींद

सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल स्टूडेंट के साथ सभी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर व पारामेडिकल स्टाफ को भी बुला लिया. विधायक राज सिन्हा भी एसएनएमसीएच पहुंचे व पीड़ितों का हाल जाना. इसके बाद सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा और उपाधीक्षक संजीव प्रसाद भी पहुंचे और इलाज की वस्तुस्थिति का जायजा लिया. [wpse_comments_template]

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