पोक्सो के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला
Dhanbad : नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने मंगलवार को आरोपी युवक गोपालीचक पुटकी निवासी चंदन कुमार यादव को 15 वर्ष कैद की सजा सुनाई. उस पर 15 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है. आरोपी इस मामले में सुनवाई के दौरान फरार हो गया था. बचाव पक्ष की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने पैरवी की. पीड़िता की मां की शिकायत पर 17 जून 2017 को दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक, 6 जून 2017 से पीड़िता अपने घर से लापता थी. खोजबीन करने पर पता चला कि चंदन यादव बहला फुसला कर पीड़िता को शादी की नियत से अपने साथ ले गया है. पुलिसिया दबाव से तंग आकर 18 जुलाई 2017 को चंदन यादव ने थाना में सरेंडर किया था. कोर्ट को दिए बयान में पीड़िता ने कहा था कि जब भी वह बाजार जाती थी, तो चंदन उसका पीछा करता और शादी करने की बात कहता था. मना करने पर धमकी देता था. पीड़िता ने आरोप लगाया था कि छह जून 2017 को चंदन उसे रांची ले गया और खाने में नशीली दवा मिलाकर उसे खिला दिया, फिर उसके साथ दुष्कर्म किया. उसे कुछ दिन रांची में एक भाड़े के मकान में रखा, फिर वहां से उसे शेखपुरा (बिहार) लेकर चला गया. वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 16 सितंबर 2017 को चंदन के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया था. नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी दोषी करार
Dhanbad : नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के एक मामले में धनबाद पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने आरोपी जियालगोड़ा जोड़ापोखर निवासी अफरोज अंसारी को दोषी करार दिया है. अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख निर्धारित की है. प्राथमिकी पीड़िता की शिकायत पर जोड़ापोखर थाने में 20 अक्टूबर 2023 को दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक आरोपी अफरोज ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर होटल ब्लैक स्टोन ले गया. जहां उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके साथ चार से पांच बार दुष्कर्म किया. जब वह गर्भवती हो गई तो आरोपी ने उसे दवा खिलाकर उसका गर्भ भी गिरा दिया. जब पीड़िता उससे शादी करने के लिए बोली तो आरोपी ने शादी करने से इन्कार कर दिया. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 31 दिसंबर 2023 को आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था. रंजय हत्याकांड में डॉक्टर का बयान दर्ज
Dhanbad : झारिया के पूर्व विधायक संजीव के करीबी रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह की हत्या के आरोप में जेल में बंद आरा बेरथ निवासी नंद कुमार सिंह उर्फ बबलू उर्फ रूना सिंह उर्फ मामा की जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीसी अवस्थी की अदालत में पेशी हुई. रांची के होटवार जेल में बंद मामा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया. जमानत पर छूटा मुक्त हर्ष सिंह अदालत में हाजिर नहीं हुआ. अभियोजन ने डॉक्टर मनोज कुमार दुबे व के प्रसाद को बतौर गवाह पेश किया. गवाहों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर होने की बात कही. कहा कि उनके समक्ष रंजय सिंह के शव का पोस्टमार्टम किया गया था. अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश दिया है. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता आयुष श्रीवास्तव, सिद्धार्थ शर्मा ने प्रति परीक्षण किया. कुल 20 गवाहों में से अभियोजन इस मामले में 15 गवाहों का परीक्षण कर चुकी है. अदालत इस मामले की रोजाना सुनवाई कर रही है. रूना सिंह 8 अगस्त से जेल में बंद हैं. पांच नवंबर 2018 को सरायढेला थाना प्रभारी निरंजन तिवारी ने मामा को शूटर बताते हुए उसके विरूद्ध अदालत मे चार्जशीट दायर किया था. [wpse_comments_template]
Leave a Comment