लोन लेकर धनबाद से बेंगलुरू फुर्र हुआ आरोपी
सुबल चंद जमीन व ट्रेवल एजेंसी के कारोबार से जुड़ा था. पूरे परिवार के साथ पुटकी की श्रीनगर कॉलोनी में रहता था. तीन-चार वर्ष पहले धनबाद शिफ्ट हो गया. कोरोना काल में कारोबार प्रभावित होने के बाद बरवाअड्डा के एक दोस्त की मदद से सोना देकर लोन दिलाने की बात कही. इसके बाद बैंक की पुटकी शाखा से उसने सवा किलो सोना के बदले 43 लाख रुपए लोन लिया. लोन पैसा खाते में आते ही उसने पूरी राशि उसी शाम दूसरे के खाते में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करा दिया और खुद बेंगलुरू चला गया.लोन एनपीए होने के बाद खुलासा, जांच में सोना खरा नहीं उतरा
सुबल को तत्कालीन बैंक मैनेजर कौशल कुमार ने वैल्यूअर बालेश्वर से सोना जांच करवाकर लोन दिया था. सुबलू ने वर्ष 2021 से 2022 के डेढ़ वर्षों के दरम्यान छह बार गोल्ड गिरवी रखकर 43 लाख रुपये का लोन लिया था. वर्ष 2012 के सेविंग खाता व 2020 के पांच लाख का सीसी खाता के ट्रांजेक्शन को देखते हुए बैंक ने तुरन्त वैल्यूअर सुमन ज्वेलर्स से सोना जांच कराकर लोन देता रहा. लोन की क़िस्त भी समय पर जमा होती रही. दिसंबर 2022 में लोन के एनपीए होने और बैंक मैनेजर का तबादला होने के बाद पूरा खेल सामने आ गया. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-an-attempt-was-made-to-rape-an-8-year-old-girl-in-mahuda/">धनबाद: महुदा में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश [wpse_comments_template]

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