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धनबाद : छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण के 45 शोधकर्ताओं ने मैथन डैम व फिश फार्म का किया भ्रमण

 
छत्तीसगढ़ सरकार ने 45 पदाधिकारियों की टीम को ट्रेनिंग के लिए भेजा है हज़ारीबाग़
Maithon : पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर शोध कर रहे छत्तीसगढ़ के 45 शोधकर्ताओं ने गुरुवार 21 सितंबर को अपराह्न चार बजे मैथन डैम और मैथन फिश फार्म का भ्रमण कर अवलोकन किया. शोधकर्ताओं ने डीवीसी फिश फार्म में हैचरी के माध्यम से मत्स्य पालन, वितरण व रखरखाव की सारी बारीकियों को देखा और जानकारी ली. इसके बाद मैथन डैम के जलाशय का अवलोकन किया. डैम के जल स्तर रखरखाव के साथ-साथ भू-क्षरण के रोकथाम के लिए किये गये उपायों को देखा और महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर वरीय अधिकारियों से जानकारी हासिल की. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर शोध व प्रशिक्षण लेने के लिए डीवीसी के भू संरक्षण विभाग, हजारीबाग भेजा था. 24 दिनों के प्रशिक्षण के बाद शोधकर्ताओं ने डीवीसी के भू संरक्षण विभाग के निदेशक संजय कुमार के नेतृत्व में मैथन का दौरा किया. शोधकर्ताओं ने बताया कि जल की प्रत्येक बूंद हमारे लिए कीमती है. इसे बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए. भूमिगत जल का स्तर गिर रहा है. जो भविष्य में जल संकट का कारण बन सकता है. इसलिए जल संकट से बचाने के लिए जल संरक्षण आवश्यक है. उन्होंने कहा कि हमें यह सीखना चाहिए कि हम अपने जल की सीमित आपूर्ति को कैसे शुद्ध और प्रदूषण से मुक्त रखें. कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने विभिन्न जिलों में चेक डैम, पौधरोपण सहित अन्य माध्यमों से जल संरक्षण और भू क्षरण को रोकने के लिए किये जा रहे उपायों को और गति दे सके. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने 45 पदाधिकारियों को डीवीसी के भू संरक्षण विभाग हजारीबाग में ट्रेनिंग के लिए भेजा था. शोधकर्ताओं के साथ डीवीसी भू संरक्षण विभाग, हजारीबाग के निदेशक संजय कुमार, भू संरक्षण विभाग हजारीबाग के प्रशासनिक पदाधिकारी जितेंद्र झा, सहायक वन अधिकारी निर्मल रजक, मैथन फिश फार्म के सहायक ओबी हेंब्रम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/dhanbad-doctors-call-off-strike-patients-heave-a-sigh-of-relief/">यह

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