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धनबाद : एसएनएमएमसीएच में हर साल 500 बच्चों की मौत !

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Arjun Mandal Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=321104&action=edit">(Dhanbad)

जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्‍पि‍टल में हर साल अलग-अलग कारणों से 500 से ज्यादा बच्चों की मौत हो जाती है. डॉक्‍टरों के अनुसार, मौत की मुख्‍य वजह कुपोषण व जागरूकता की कमी है. ज्‍यादातार बच्‍चों की मौत अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) और सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (सीकू) में इलाज के दौरान होती है. इन वार्डो में हर दिन औसतन एक बच्चे की मौत हो जाती है. आंकड़ों के अनुसार, एसएनएमएमसीएच के शिशु वार्ड में हर साल 5 से 6 हजार बच्चे भर्ती होते हैं. इनमें से करीब 500 गंभीर बच्चों की मौत हो जाती है. हालांकि धनबाद जिले में राज्य की तुलना में शिशु मृत्यु दर कम है. आंकड़े बताते हैं कि राज्य में प्रति 1000 में 32 बच्चों की मौत हो जाती है, जबकि धनबाद जिले में यह आंकड़ा 19 है. एसएनएमएमसीएच में गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, पाकुड़, दुमका और बोकारो जिले से रेफर होने वाले बच्चे भर्ती होते हैं. ज्‍यादातर नवजात में सांस की तकलीफ व कम वजन की शिकायत रहती है. स्थिति ज्‍यादा खराब होने पर उन्‍हें एसएनएमएमसीएच लाया जाता है.

रात में नर्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता शिशु विभाग

एसएनएमएमसीएच पहले से ही डॉक्टरों व संसाधनों की कमी से जूझ रहा है. जो डॉक्‍टर ओपीडी में सेवाएं देते हैं, वार्डों के मरीज भी इन्हीं के भरोसे हैं. डॉक्‍टरों की कमी के कारण रात में शिशु विभाग नर्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है. अस्पताल में इलाज के लिए आए बच्चों की संख्या अधिक होने पर एक ही वार्मर पर दो-दो बच्चों को रखा जाता है.

ज्‍यादातर बच्‍चे रेफर केस के, गंभीर हालत में आते हैं : अधीक्षक

एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर अरुण कुमार वर्णवाल ने बताया कि अस्पताल में ज्यादातर दूसरे अस्‍पतालों से रेफर किए गए बच्‍चे भर्ती कराए जाते हैं, जिनकी स्थिति पहले से ही काफी गंभीर रहती है. उनमें संक्रमण का स्‍तर भी काफी अधिक रहता है. ग्रामीणों क्षेत्रों में कुपोषण के कारण बच्‍चे काफी कमजोर होते हैं. बीमारी में उनके हार्ट तक ऑक्‍सीजन नहीं पहुंच पाता है. समय पर अस्‍पताल नहीं पहुंचने के कारण स्थिति ज्‍यादा गंभीर हो जाती है. ऐसे में काफी प्रयास के बाद भी डॉक्‍टर उन्‍हें नहीं बचा पाते. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=321133&action=edit">धनबाद

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