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धनबाद: कृषि बिल के खिलाफ एकजुट हुए जिले के 58 संगठन

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) कृषि बिल के विरोध में 10 फरवरी शुक्रवार को जिले के व्यवसायियों के 58 संगठनों ने एकजुट हो कर आंदोलन की चेतावनी दी है. बाज़ार समिति के प्रांगण में बिल के खिलाफ आयोजित प्रेसवार्ता में 58 संगठन के पदाधिकारियों ने एक सुर में कृषि बिल का विरोध किया. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बाजार समिति के अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि 14 फरवरी तक राज्य सरकार को बिल वापस लेने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है.  व्यवसायी 14 फरवरी तक आंदोलन भी करते रहेंगे और विधायक, मंत्री व राज्य सरकार से निरस्तीकरण की मांग करेंगे. मांगें पूरी न होने पर 15 फरवरी से बाजार समिति के तमाम व्यवसायी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. मौके पर जिला चेंबर के महासचिव अजय नारायण लाल ने कहा कि हेमंत सरकार शुरू से व्यवसायी व जन विरोधी रही है. उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते इस बिल को निरस्त कर दे, वरना आने वाले समय में आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी जवाबदेही सरकार की होगी. बाजार समिति के महासचिव विकास कंधवे ने कहा कि है सरकार को काला कानून वापस लेने के लिए 1 सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है. 14 फरवरी तक सरकार कानून वापस नहीं लेती है तो 15 फरवरी से धनबाद सहित पूरे झारखंड में खाद्यान्न, फल, राइस मिल, फ्लावर मिल, अंडा, मछली, आलू-प्याज व सब्जी का कारोबार पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. बैंकमोड़ चैम्बर के निवर्तमान अध्यक्ष प्रमोद गोयल ने हेमंत सरकार को व्यवसायी विरोधी बताया है. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने कभी भी व्यवसायियों का भला नहीं चाहा है. नए-नए कानून लाकर व्यवसायियों की गर्दन को दबाने का काम करती रही है. उन्होंने कहा है कि अब लड़ाई आर-पार की होगी. [wpse_comments_template]

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