मुख्य आरोपी सहायक पोस्टमाटर सुमित कुमार निलंबित, 9.38 करोड़ पहुंची घोटाले की रकम
सीबीआई को दाे दिन में विधिवत मिल सकता है जांच का जिम्मा
Rizwan Shams Dhanbad : धनबाद के गोविंदपुर स्थित केके पॉलिटेक्निक उपडाकघर में विभागीय कमेटी की जांच में अब तक नौ करोड़ 38 लाख रुपए के घोटाले के साक्ष्य मिले हैं. इस रकम के गबन में करीब 90 बैंकखातों को सीज किया गया है. इनमें डाक विभाग के 10 कर्मचारियों के जबकि आम पब्लिक के 80 निजी खाते हैं. इन सभी खाताधारियों के खिलाफ मुकदमे की तैयारी चल रही है. आरोपी सहायक पोस्टमाटर सुमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है. मामले को लेकर सीबीआई धनबाद की टीम ने धनबाद डाकघर पहुंचकर मामले की पूछताछ की थी. हालांकि सीबीआई को विधिवत जांच की जिम्मेवारी एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है. ज्ञात हो कि केके पाॅलिटेक्निक उपडाकघर गोविंदपुर में इसी पखवारे करोड़ों रुपये घोटाले की भनक विभाग को मिली थी. खबर पाकर वरीय डाक अधीक्षक उत्तम सिंह ने जांच कमेटी बनाई और मामले की तफ्तीश करवाई. जांच में पता चला कि दो साल से केके उपडाकघर का प्रभारी सुमित कुमार निजी खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये का गबन कर रहा था. इस मामले में अब तक 80 निजी बैंक खातों का पता चला है, साथ ही 10 डाकर्मियों को भी संदिग्ध माना गया है. इनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है. इन सभी खातों को सीज कर दिया गया है. अगर खातों में भेजी गई रकम वापस नहीं की गई, तो इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक तीन दिन पहले ही सीबीआई की टीम ने धनबाद डाकघर पहुंचकर मामले के बाबत जानकारी ली थी. बता दें कि मामले की सीबीआई जांच के लिए वरीय डाक अधीक्षक ने सर्किल हेड को पत्र लिखा था. एक-दो दिन में जांच संबंधित आदेश प्राप्त होने की बात कही जा रही है. इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सुपुर्द किया जाएगा. वरीय डाक अधीक्षक उत्तम सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मामले में आरोपी डाककर्मी ने जांच कमेटी के खिलाफ साजिश रचनी शुरू कर दी है.आरोपियों की टीम जांच करने वालों को ही प्रताडि़त कर ही है. उनके परिवारों के बारे में अफवाहें फैलााई जा रही हैं. बताया कि अब तक बीस लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है, जिन लोगों के खाते में यह रकम गई है, उन्हें खुद से रकम वापस कर देनी चाहिए, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई तय है.20 प्रतिशत कमीशन देकर खातों का किया गया प्रयोग
प्रधान डाकघर के वरीय डाक अधीक्षक उत्तम कुमार सिंह ने बताया कि इस घोटाले को काफी शातिर तरीके से अंजाम दिया गया है. डाक विभाग के जीएल अकाउंट की राशि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से विभिन्न सरकारी व निजी बैंकों में खाता धारकों के अकाउंट में ट्रांसफर की गई थी. इसके बाद वहां से पैसों की निकासी की गई है. उन्होंने बताया कि इसके बदले में घोटालेबाजों द्वारा खाताधारकों को 20 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया गया था, जांच में यह बात सामने आई है कि कई लोगों ने बीस प्रतिशत कमीशन के लालच में आकर अपना खाते को प्रयोग करने दिया और घोटाले में इस तरह वो भी शरीक हो गए.डाक अधीक्षक ने दी सलाह- ऐसे रहें सावधान
यदि आपके बैंक खाते में रकम जमा या निकासी का मैसेज नहीं आ रहा है तो तुरंत डाकघर जाएं और अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराएं, क्योंकि हो सकता है कि किसी ने आपका नंबर बदल दिया हो और अपना नंबर खाते से अटैच करा दिया हो. आपके खाते की रकम को यदि किसी भी डाकघर में हाथ से लिखकर अपडेट किया जा रहा है तो तुरंत मामले की खबर वरीय अधिकारियों को दें, क्योंकि धनबाद के सभी डाकघरों में खाता अपडेट करने की मशीन लग चुकी है. यदि कोई डाककर्मी या अन्य कोई भी आपके खाते को प्रयोग में लाने के एवज में आपको रकम दे रहा है, तो आपको ऐसा नहीं करना है. क्योंकि आप भी जांच के घेरे में आएंगे और जेल तक जाना पड़ सकता है. जमा या निकासी खुद से करें, किसी भी डाकर्मी या अन्य के भरोसे में न रहें. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-block-heads-submitted-memorandum-to-mp-regarding-irregularities-in-abua-residence/">धनबाद: अबुआ आवास में गड़बड़ी को लेकर प्रखंड प्रमुखों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन [wpse_comments_template]
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