Nirsa : झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति ने बांग्ला भाषा के प्रति सरकार के सौतेला व्यवहार के विरोध में कलियासोल प्रखंड के सालुकचपड़ा व बादलपुर में बैठक कर जागरूकता अभियान चलाया. बैठक को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक बेंगू ठाकुर ने कहा कि झारखंड में 80 प्रतिशत लोग बांग्ला भाषी हैं. इसके बावजूद राज्य सरकार बांग्ला की उपेक्षा कर रही है. केंद्र सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाया जाय. लेकिन हेमंत सरकार इसका भी उल्लंघन कर रही है. झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से बांग्ला भाषा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. स्कूलों में बच्चों को सरकार की ओर से न तो बांग्ला भाषा की पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा रही हैं, न ही बंगला भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है. बांग्ला भाषी एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे. सेवानृवित शिक्षक शशिधर डे की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार बांग्ला भाषा के प्रति अपना रवैया नहीं बदलेगी, आंदालन जारी रहेगा. इसके लिए गांव- गांव में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है. बैठक में श्यामल महथा, बबलू दास, उत्पल डे, चंदना तिवारी, रामपद बाउरी, निर्मल बाउरी, अशोक बाउरी, वेणु मुखर्जी, असीम डे, विकाश महथा, तपन मंडल, मंटू मंडल जयभरत मंडल, सुजीत बाउरी, सुखदेव डे, सजल दत्ता आदि उपस्थित थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-masses-struggle-for-the-upliftment-of-the-poor-and-exploited-will-continue-arup/">धनबाद
: गरीबों-शोषितों के उत्थान को मासस का संघर्ष जारी रहेगा- अरूप [wpse_comments_template]
: गरीबों-शोषितों के उत्थान को मासस का संघर्ष जारी रहेगा- अरूप [wpse_comments_template]
Leave a Comment