Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) जिले के कंस्ट्रक्शन क्षेत्र से जुड़े बिजनेसमैन व अपना घर का सपना देखने वाले आम लोगों के लिए अच्छी खबर है. धनबाद खनन विभाग के निरीक्षक राहुल कुमार की मानें तो हटने के बाद जिले के नौ बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्वीकृति नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के लिए माइनिंग प्लान और वैधानिक नियमों के पालन हेतु सभी कागजात तैयार कर लिए गए हैं. एनजीटी की रोक हटने के बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. बता दें कि बरसात के दौरान 10 जून से 15 अक्टूबर तक एनजीटी ने बालू खनन पर रोक लगा रखी है.
रोक से पहले संचालित थे नौ बालू घाट
बता दें कि जिले के 19 बालू घाट में से नौ बालू घाट एनजीटी की रोक के पहले संचालित थे. पूरी तरह से बालू उठाव पर रोक लगने के बाद जिले में बालू की कीमतें बढ़ने की वजह से व्यावसायिक निर्माण कार्य एवं निजी मकानों की निर्माण लागत बढ़ गई थी. बालू का अवैध धंधा चलने लगा. इस वजह से सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा था. अब झारखंड स्टेट मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसडीएमसी) की पहल के बाद 15 अक्टूबर के बाद से नौ बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू होने की आस जगी है. फिलहाल जिला खनन विभाग कागजी प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा है. जिले में हैं 19 बालू घाट
बता दें कि जिले में रतनपुर, चूरूरिया, कोलहर, लुकैया उकमा, मैंरनवाटांड, तेलमच्चो, हरिहरपुर, डूमर कुंडा, चिरकुंडा नगर पंचायत, पंडराबेजरा पाण्ड्रा बेजरा, सिजुआ, मोहलीडीह, बिशनपुर, जीतपुर, चैता और खानुडीह शामिल हैं. जब्त अवैध बालू की लगी लाखों की बोली
दूसरी ओर जिला खनन विभाग के द्वारा टुंडी अंचल में जब्त एक लाख 98 हज़ार सीएफटी बालू बाघमारा के शिबू महतो ने 15 लाख रुपये की बोली लगाकर हासिल कर लिया. पूर्वी टुंडी अंचल के बैजरा (निरसा) में 6 लाख 55 हज़ार 555 सीएफटी बालू की नीलामी में टुंडी के संतोष कुमार महतो ने एक करोड़ एक लाख 90 हज़ार रुपए की बोली लगाकर हासिल की. [wpse_comments_template]
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