Dhanbad : नीट-2023 की परीक्षा में धनबाद जिले के करीब 50 विद्यार्थियों को सफलता मिली है. धनबाद की बरटांड़ निवासी आस्था अग्रवाल ने 695 अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया. वहीं, जिले के दूसरे स्थान पर अमन श्रेष्ठ रहे. अमन को 664 अंक मिले हैं. जबकि 655 अंक प्राप्त कर हंस पाल शर्मा थर्ड जिला टॉपर बने हैं.
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alt="" width="225" height="300" /> सेकेंड जिाल टॉपर अमन श्रेष्ठ[/caption] नीट के सेकंड जिला टॉपर अमन श्रेष्ठ ने बताया कि वह सोशल मीडिया का उपयोग समझदारी से करते हैं. उनके पिता अशोक प्रसाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), धनबाद में असिस्टेंट इंजीनियर हैं, जबकि मां अंजना प्रसाद हाउसवाइफ हैं. मनईटांड़ निवासी अमन ने बताया कि पांचवें प्रयास में उनका सपना पूरा हुआ. उन्होंने इस क्षेत्र में करियर बनाने का सपना रखने वाले विद्यार्थियों को संदेश दिया कि धैर्य के साथ जुटे रहें, सफलता जरूर मिलेगी.
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alt="" width="225" height="300" /> थर्ड जिाल टॉपर हंसपाल शर्मा[/caption] जिले के थर्ड टॉपर हंसपाल शर्मा के पिता ट्यूशन टीचर हैं, जबकि मां हाउसवाइफ हैं. उन्होंने बताया कि नीट की तैयारी के दौरान काफी संघर्ष करना पड़ा. जहां भी पैसे की कमी सामने आई] वहां गोल संस्थान के निदेशक संजय आनंद का सहयोग मिला. बताया कि नौवीं कक्षा में बीमारी के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद उन्होंने पहली बार डॉक्टर बनने का सपना देखा. जूनियर्स को सलाह दी कि डाउट को तुरंत क्लियर करें, उसे बोझ न बनाएं.
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alt="" width="225" height="300" /> शुभम कुमार सिंह[/caption] नीट में 649 अंक प्राप्त कर जिले के चौथे टॉपर बने सहयोगी नगर निवासी शुभम के पिता साकेत कुमार का पेंट का व्यवसाय हैं, जबकि माता ब्यूटी कुमारी हाउसवाइफ हैं. उन्होंने बताया कि तैयारी में किसी तरह की बाधा नहीं आए, इसके लिए उन्होंने स्मार्टफोन भी नहीं रखा. सफलता के लिए प्रतिदिन अभ्यास, टेस्ट सीरीज को समय पर पूरा करना और क्लास की पढ़ाई और टेस्ट के समानांतर चलने की प्रवृत्ति डालना जरूरी है. कक्षा के पाठ को कल के लिए छोड़ने पर वह बोझ बनता चला जाता है. बताया कि बड़े भाई सत्यम कुमार उनके इंस्पिरेशन रहे हैं, उन्होंने पिछले वर्ष 637 अंक के साथ नीट पास किया था.
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alt="" width="225" height="300" /> तृषा सिंह[/caption] 633 अंक लाकर नीट क्लियर करने वाली भेलाटांड़ की तृषा सिंह ने बताया कि शिक्षकों का सराहनीय मार्गदर्शन और टेस्ट सीरीज की लगातार भागीदारी से उसे सफलता मिली. उसने डाउट्स आने पर उसे उसी दिन क्लियर किया. उसे कभी दूसरे दिन के लिए नहीं टाला. जिसके कारण उसका कांसेप्ट क्लियर रहा. उन्हें पहले प्रयास में ही सफलता मिली है. उनके पिता अभय शंकर सिंह नगर निगम में कार्यरत हैं, जबकि मां पूनम सिंह हाउसवाइफ है.
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alt="" width="225" height="300" /> आफ़िया[/caption] नीट परीक्षा में जामाडोबा निवासी आफिया ने 635 अंक हासिल कर सफलता पाई है. अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने नाना होमियोपैथी डॉक्टर इकराम अहमद सहित पूरी फ़ैमिली को दिया है. आफिया को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है. उन्होंने बताया कि इसमें गोल संस्थान का अहम योगदान रहा. उसके डॉक्टर बनने का सपना उसके दिवंगत मामा अफसर हयात ने भी देखा था. जो धनबाद में ही आयुष्मान के तहत कार्यरत थे.
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alt="" width="225" height="300" /> वैष्णवी[/caption] हीरक रोड स्थित कमल कटेसरिया स्कूल के पास रहने वाली वैष्णवी को नीट 2023 में 622 अंक प्राप्त हुए हैं. उन्होंने बताया कि यह उनका पहला प्रयास था. अपने जूनियर्स को संदेश दिया कि कभी अपनी क्षमता पर शक नहीं करें और पूरी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य प्राप्त करने में लगे रहें, सफलता जरूर मिलेगी. वैष्णवी के पिता मुकेश सिंह पत्रकार हैं, जबकि मां अनीता सिंह हाउसवाइफ हैं. वैष्णवी ने बताया कि वह केवल टेलीग्राम पर सक्रिय थीं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-summer-vacation-extended-in-schools-classes-up-to-8th-closed-till-17th/">धनबाद
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सोशल मीडिया से रही दूर, अब बनाऊंगी एकाउंट : आस्था
नीट में धनबाद जिाल टॉपर आस्था अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया ध्यान भटकाता है. इसलिए अब तक उसने इसका उपयोग नहीं किया. अब सोशल मीडिया एकाउंट बनाउंगी. बताया कि यह उनका पहला प्रयास था. आस्था के पिता डॉ. सुनील कुमार और मां डॉण् निगम अग्रवाल एसएनएमएमसीएच में डॉक्टर हैं. आस्था को 10वीं और 12वीं कक्षा में 97% अंक प्राप्त हुए थे. उन्होंने नीट की तैयारी करने वाले विद्याथिर्यों से कहा कि बिना रुके लगातार मेहनत करें, अपने डेली रूटीन को कभी ना छोड़ें.समझदारी से करता हूं सोशल मीडिया का उपयोग : अमन
[caption id="attachment_668857" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> सेकेंड जिाल टॉपर अमन श्रेष्ठ[/caption] नीट के सेकंड जिला टॉपर अमन श्रेष्ठ ने बताया कि वह सोशल मीडिया का उपयोग समझदारी से करते हैं. उनके पिता अशोक प्रसाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), धनबाद में असिस्टेंट इंजीनियर हैं, जबकि मां अंजना प्रसाद हाउसवाइफ हैं. मनईटांड़ निवासी अमन ने बताया कि पांचवें प्रयास में उनका सपना पूरा हुआ. उन्होंने इस क्षेत्र में करियर बनाने का सपना रखने वाले विद्यार्थियों को संदेश दिया कि धैर्य के साथ जुटे रहें, सफलता जरूर मिलेगी.
डाउट को तुरंत क्लियर करें : हंसपाल शर्मा
[caption id="attachment_668865" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> थर्ड जिाल टॉपर हंसपाल शर्मा[/caption] जिले के थर्ड टॉपर हंसपाल शर्मा के पिता ट्यूशन टीचर हैं, जबकि मां हाउसवाइफ हैं. उन्होंने बताया कि नीट की तैयारी के दौरान काफी संघर्ष करना पड़ा. जहां भी पैसे की कमी सामने आई] वहां गोल संस्थान के निदेशक संजय आनंद का सहयोग मिला. बताया कि नौवीं कक्षा में बीमारी के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद उन्होंने पहली बार डॉक्टर बनने का सपना देखा. जूनियर्स को सलाह दी कि डाउट को तुरंत क्लियर करें, उसे बोझ न बनाएं.
कक्षा के बाद की पढ़ाई की प्रवृति बनाएं : शुभम
[caption id="attachment_668870" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> शुभम कुमार सिंह[/caption] नीट में 649 अंक प्राप्त कर जिले के चौथे टॉपर बने सहयोगी नगर निवासी शुभम के पिता साकेत कुमार का पेंट का व्यवसाय हैं, जबकि माता ब्यूटी कुमारी हाउसवाइफ हैं. उन्होंने बताया कि तैयारी में किसी तरह की बाधा नहीं आए, इसके लिए उन्होंने स्मार्टफोन भी नहीं रखा. सफलता के लिए प्रतिदिन अभ्यास, टेस्ट सीरीज को समय पर पूरा करना और क्लास की पढ़ाई और टेस्ट के समानांतर चलने की प्रवृत्ति डालना जरूरी है. कक्षा के पाठ को कल के लिए छोड़ने पर वह बोझ बनता चला जाता है. बताया कि बड़े भाई सत्यम कुमार उनके इंस्पिरेशन रहे हैं, उन्होंने पिछले वर्ष 637 अंक के साथ नीट पास किया था.
डाउट्स को कभी बोझ न बनने दें : तृषा सिंह
[caption id="attachment_668875" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> तृषा सिंह[/caption] 633 अंक लाकर नीट क्लियर करने वाली भेलाटांड़ की तृषा सिंह ने बताया कि शिक्षकों का सराहनीय मार्गदर्शन और टेस्ट सीरीज की लगातार भागीदारी से उसे सफलता मिली. उसने डाउट्स आने पर उसे उसी दिन क्लियर किया. उसे कभी दूसरे दिन के लिए नहीं टाला. जिसके कारण उसका कांसेप्ट क्लियर रहा. उन्हें पहले प्रयास में ही सफलता मिली है. उनके पिता अभय शंकर सिंह नगर निगम में कार्यरत हैं, जबकि मां पूनम सिंह हाउसवाइफ है.
परिवार का सपना किया पूरा : आफ़िया
[caption id="attachment_668878" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> आफ़िया[/caption] नीट परीक्षा में जामाडोबा निवासी आफिया ने 635 अंक हासिल कर सफलता पाई है. अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने नाना होमियोपैथी डॉक्टर इकराम अहमद सहित पूरी फ़ैमिली को दिया है. आफिया को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है. उन्होंने बताया कि इसमें गोल संस्थान का अहम योगदान रहा. उसके डॉक्टर बनने का सपना उसके दिवंगत मामा अफसर हयात ने भी देखा था. जो धनबाद में ही आयुष्मान के तहत कार्यरत थे.
अंदर से मोटिवेशन आना जरूरी : कनु प्रिया
जगजीवन नगर निवासी कनुप्रिया को नीट में 629 अंक प्राप्त हुए हैं. उन्होंने बताया कि सफलता के लिए बाहर का मोटिवेशन नहीं, बल्कि आपके भीतर का मोटिवेशन जरूरी होता है. उनके पिता राजेश कुमार सिन्हा और मां कुमुद कुमारी दोनों सरकारी स्कूल में शिक्षिक हैं. परीक्षा की तैयारी के दौरान उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और परीक्षा समाप्त होने के बाद पहली बार अपना सोशल मीडिया अकाउंट बनाया.अपनी क्षमता पर कभी शक नहीं करें : वैष्णवी
[caption id="attachment_668881" align="alignnone" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> वैष्णवी[/caption] हीरक रोड स्थित कमल कटेसरिया स्कूल के पास रहने वाली वैष्णवी को नीट 2023 में 622 अंक प्राप्त हुए हैं. उन्होंने बताया कि यह उनका पहला प्रयास था. अपने जूनियर्स को संदेश दिया कि कभी अपनी क्षमता पर शक नहीं करें और पूरी मेहनत के साथ अपना लक्ष्य प्राप्त करने में लगे रहें, सफलता जरूर मिलेगी. वैष्णवी के पिता मुकेश सिंह पत्रकार हैं, जबकि मां अनीता सिंह हाउसवाइफ हैं. वैष्णवी ने बताया कि वह केवल टेलीग्राम पर सक्रिय थीं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-summer-vacation-extended-in-schools-classes-up-to-8th-closed-till-17th/">धनबाद
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