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धनबाद:  सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को मिली बीस वर्ष कैद की सजा

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) सामूहिक दुष्कर्म के चार वर्ष पुराने मामले में आज गुरुवार 5 जनवरी को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत में मामले के आरोपी भागाबांध निवासी घल्टू महतो, राजेश महतो एवं अशोक महतो को बीस-बीस वर्ष कैद एवं बीस बीस हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है. 19 दिसंबर 22 को अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी सीताराम महतो को संदेह का लाभ देकर रिहा कर दिया  था. अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 जनवरी 23 की तारीख तय की थी. पीड़िता की शिकायत पर चारों के विरुद्ध भागा बांध ओपी में 10 मई 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक सीताराम महतो ने 9 मई 18 को पीड़िता को किसी बहाने अपने यहां बुलाया. जब वह गई तो उपरोक्त तीनों अभियुक्त आ गए और सीताराम महतो को पकड़कर मारपीट करने लगे. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके बाद तीनो आरोपियों ने पिता को पकड़ लिया उसे खींचकर जबरन जंगल की ओर ले गए. उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और उसका कपड़ा लेकर भाग गए. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 1 जून 18 को चारों के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था. 10 दिसंबर 18 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी. अभियोजन ने इस मामले में 8 गवाहों का परीक्षण कराया था.

   नन्हे हत्याकांड में गवाह पेश करने का आदेश

धनबाद : जमीन कारोबारी नन्हे खान की सरेआम हत्या के मामले में गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह की अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का आदेश दिया है. आज इस मामले में अभियोजन ने कोई गवाह पेश नहीं किया. प्रिंस की मां नासरीन खातून की ओर से अधिवक्ता उदय कुमार भट्ट ने प्रतिनिधित्व का आवेदन दिया था. दूसरी ओर अन्य आरोपी प्रिंस खान के भाई बंटी खान, गोडविन खान समेत अन्य के विरुद्ध भी आरोप तय नहीं किया जा सका. बंटी की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने निचली अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में रिवीजन दायर कर चुनौती दी है.

   मटकुरिया गोलीकांड में सुनवाई

धनबाद : चर्चित मटकुरिया गोलीकांड में गुरुवार को एमपी, एमएलए के लिए गठित विशेष न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने गवाह पेश करने का आदेश दिया है. मालूम हो कि 27 अप्रैल 11 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गये पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों की हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें तत्कालीन एसपी आर.के धान जख्मी हो गए थे. वहीं विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी. तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के लिखित प्रतिवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. [wpse_comments_template]
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