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धनबाद : आदिवासी युवक-युवतियों ने अपनी प्रस्तुति से प्राचीन व आधुनिकता का कराया बोध

Dhanbad : विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/dhanbad-scuffle-between-patients-relatives-and-female-policemen-in-snmmch-uniform-torn/">(Dhanbad)

के गोल्फ ग्रउंड में सोनोत संताल समाज ने आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में आदिवासी युवक-युवतियों ने अपनी प्रस्तुति से प्राचीन संस्कृति के साथ आधुनिकता का भी बोध कराया. विभिन्न क्षेत्रों से आए जनजातीय समूहों ने मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य व संगीत प्रस्तुत किया पारंपरिक परिधान में सजी युवतियों ने नृत्य कर आदिवासी संस्कृति को जीवंत किया. इससे पूर्व मुख्य अतिथि झामुमो के धनबाद जिला अध्यक्ष रमेश टुडू ने महोत्सव का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि आदिवासी जनजातियां भारत के विभिन्न राज्यों में प्राचीन काल से निवास करती आ रहीं हैं. पारंपरिक विशिष्टताओं के कारण पूरे विश्व में आज भी आदिवासी सभ्यता की जड़ें मजबूत हैं. प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को अपनी विरासत को यादगार बनाने के लिए हम महोत्सव कर अयोजन करते हैं. दुनियाभर की आदिम जनजातियों के अधिकार, संरक्षण और सुरक्षा के लिए यह जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारतीय आदिवासी समुदाय पिछड़ा जरूर है, लेकिन आज भी समाज का अभिन्न अंग बना है. भारतीय स्वाधीनता संग्राम का बिगुल झारखंड की धरती से फूंक कर हमारे पूर्वजों ने अदम्य साहस का परिचय दिया था. अंग्रेजों के खिलाफ आदिवासी सपूतों का विद्रोह हमेशा याद रहेगा.

शहीदों के सपनों को पूरा करने में जुटी सरकार

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार राज्य के शहीदों के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रयासरत है. इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. समाज के लोगों को अपनी संस्कृति, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जागरूक होने की जरूरत है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-on-world-tribal-day-students-gave-the-message-of-protecting-nature/">धनबाद

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