Dhanbad : सरकार से कोर्ट फीस में वृद्धि वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने 6 जनवरी को खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखा. झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाई. आर्थिक अपराध के एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता बहस करने आए थे, लेकिन धनबाद के अधिवक्ताओं ने उन्हें भी बहस करने से रोक दिया. स्टेट बार काउंसिल स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन राधेश्याम गोस्वामी, बार काउंसिल के मेंबर प्रयाग महतो, धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय व महासचिव जीतेंद्र कुमार ने कहा कि हम काउंसिल के निर्णय के साथ हैं. एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में ग्रामीणों को सुलभ एवं सस्ता न्याय दिलाने के लिए बढ़ाई गई कोर्ट फीस वापस लेने, अधिवक्ताओं का बीमा कराने, पहले की तरह अधिवक्ताओं के बीच से ही लोक अभियोजक बहाल करने, अपर लोक अभियोजकों की संख्या बढ़ाने, अधिवक्ता कल्याण कोष का गठन, विधि पुस्तकालय के लिए कोष प्रदान करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द लागू करने की मांग शामिल है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-tata-steel-association-should-stop-exploiting-hiva-owners/">धनबाद
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धनबाद : कोर्ट फीस में वृद्धि वापस लेने की मांग पर अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार

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