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धनबाद: कोर्ट फीस बढ़ोतरी के विरोध में अधिवक्ताओं ने काम छोड कर लगाया काला बिल्ला

 
Dhanbad: धनबाद (Dhanbad)  राज्य बार काउंसिल के आह्वान पर सोमवार 25 जुलाई को धनबाद बार कोर्ट के सभी अधिवक्ताओं ने खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखा और काला बिल्ला लगाया. अधिवक्ताओं ने कोर्ट फीस में अप्रत्याशित वृद्धि का विरोध किया. अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से अलग रहने के कारण सिविल कोर्ट में जहां 83 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हो सकी, 54 विभिन्न मामलों में गवाही भी नहीं हुई. अधिवक्ता कोर्ट परिसर तो पहुंचे, परंतु काला बिल्ला लगाकर सिरिस्ता पर ही बैठे रहे.

  जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ : अमरेंद्र सहाय

धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने कहा कि सरकार कोर्ट फीस में बढ़ोतरी कर जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है. कोर्ट फीस में दोगुनी से चार गुनी वृद्धि कर दी गई है. उन्होंने कोर्ट फीस में बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग सरकार से की है. कहा कि झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर राज्य के करीब 25000 अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से दूर हैं. कई मुवक्किल कोर्ट परिसर पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य में शामिल नहीं होने के कारण वापस लौट गए.

  फीस बढ़ोतरी वापस नहीं ली तो होगा आंदोलन

बार एसोसिएशन के महासचिव जितेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द कोर्ट फीस बढ़ोतरी को वापस ले, अन्यथा जोरदार आंदोलन होगा. उन्होंने कोर्ट फीस में वृद्धि को बिल्कुल अनुचित बताया. कहा झारखंड पिछड़ा व गरीब राज्य है. राज्य में कोर्ट फीस में अचानक 200 प्रतिशत की वृद्धि उचित नहीं है. इसका असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिनका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है. अधिवक्ताओं पर भी प्रभाव पड़ेगा. कई गरीब न्याय से दूर रह जाएंगे और क्राइम बढ़ेगा.

  कहीं चार गुनी तो कहीं पांच गुनी वृद्धि

बताया गया कि पहले पांच रुपये न्यायालय में शुल्क देना पड़ता था, अब 20 रुपये देना पड़ेगा. केस की नकल निकालने में भी मुवक्किल को अधिक शुल्क देना पड़ेगा. निचली अदालतों के वकालतनामा पर कोर्ट फीस पांच से बढ़ाकर 30 रुपये कर दी गई है. निचली अदालतों के शपथ पत्र पांच रुपये की जगह 20 एवं हाईकोर्ट में यह 30 रुपये हो गया है. विवाद से संबंधित सूट फाइल करने में अब अधिकतम तीन लाख रुपये की कोर्ट फीस लगेगी. वर्तमान में यह 50 हजार रुपये ही है. इससे दीवानी के साथ फौजदारी मामलों में केस फाइल करने का खर्च काफी बढ़ गया है. सूट फाइल करने के पहले मोटी रकम की व्यवस्था करनी होगी. इसी तरह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने पर अब एक हजार रुपये लगेंगे. वर्तमान में 250 रुपये है. सामान्य आवेदन पर शुल्क 250 से 500 रुपये किया गया है. अपील एवं अदालत में रिप्रेजेंटेशन चार गुना महंगा हो गया है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-arup-chatterjee-the-owner-of-news-11-india-was-also-accused-of-cheating-of-seven-lakhs-in-balliapur/">धनबाद:

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