आपराधिक घटनाओं का मंडराने लगा खतरा
डीवीसी ने बिजली कटौती का वक्त शाम को चुना है. इस समय लोगों को बिजली की आवश्यकता अधिक होती है. ऐसे समय में बिजली कटौती से गांव के छोटे-मोटे व्यवसायियों, गृहिणियों का कामकाज बाधित होता है. सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. कोरोना काल में स्कूल व कॉलेज बंद रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई वैसे भी प्रभावित हो चुकी है. अब शाम के वक्त बिजली काटे जाने से फिर एक बार उनकी पढ़ाई-लिखाई खटाई में पड़ रही है. इसके अलावा रात के अंधेरे में जहरीले कीड़े मकोड़े तो परेशान करते ही हैं, चोरी डकैती सहित अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा भी मंडराने लगा है.विधानसभा में रखेंगे समस्या : मथुरा प्रसाद महतो
सुचारू ढंग से विद्युत आपूर्ति के लिए किस राजनीतिक दल के प्रतिनिधि ने क्या प्रयास किया, यह जानने का प्रयास किया गया तो टुंडी विधायक (झामुमो) मथुरा प्रसाद महतो ने दूरभाष पर कहा कि पूरे राज्य स्तर पर डीवीसी बिजली कटौती कर रहा है. मामले को हम लोग विधानसभा में रखेंगे. सरकार से मांग करेंगे कि इसमें सुधार हो और डीवीसी आम लोगों को अधिक से अधिक बिजली उपलब्ध कराए.शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन : मासस
मासस नेता बबलू महतो ने सरकार से मांग की है कि डीवीसी और झारखंड सरकार मिलकर जल्द से जल्द समस्या सुलझाने का प्रयास करे. क्योंकि आम जनता त्रस्त है. समस्या का यथाशीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.होगा डीवीसी का घेराव : सांसद प्रतिनिधि
सांसद प्रतिनिधि सह जिला परिषद सदस्य (भाजपा) घनश्याम ग्रोवर ने कहा कि बिजली विभाग और सरकार की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता को बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है. लोग बिजली बिल का भुगतान कर ही रहे हैं. अगर 2 से 3 महीने तक भुगतान नहीं किया जाता है तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है, तो ऐसे में आम जनता बिजली कटौती क्यों बर्दाश्त करे. बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा, डीवीसी कार्यालय का घेराव किया जाएगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-nutrition-friends-did-not-get-salary-for-ten-months/">धनबाद: पोषण सखियों को दस माह से नहीं मिला वेतन [wpse_comments_template]
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