झरिया में भी बंद रही दुकानें
सरकार के काले कानून के खिलाफ दूसरे दिन गुरुवार 16 फरवरी को भी झरिया में बंदी का असर देखने को मिला. डिगवाडीह खाद्यान्न व्यापारी संगठन के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी. झरिया चैम्बर का कहना है कि बिल के निरस्तीकरण के बाद ही दुकानों को खोला जाएगा.निरसा में भी दिखा बंदी का असर
[caption id="attachment_556744" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> निरसा में बंद दुकान[/caption] वर्तमान सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ निरसा में भी बंदी का असर देखने को मिला. निरसा चैम्बर ऑफ कॉमर्स से जुड़ी तमाम गल्ला दुकानें बंद रही. व्यवसायियों के अनुसार बिल के निरस्तीकरण के बाद ही दुकान खोली जाएगी.
कतरास में भी कारोबार बंद
कृषि शुल्क विधेयक के विरोध में एवं सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर कतरास में भी आंदोलन के दूसरे दिन खाद्यान्न दुकानों पर ताला लटका रहा. कतरास चैम्बर के सचिव मनोज गुप्ता ने बंदी को पूर्ण रूप से सफल बताया. उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने बंद सफल कर अपनी चट्टानी एकता का परिचय दिया है और आगे भी देगा.गोमो में गल्ला दुकानों पर लटके ताले
[caption id="attachment_556746" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="169" /> सुनसान पड़ा गोमो बाजार[/caption] राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक के खिलाफ गोमो चेंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े तमाम दुकानदारो ने आंदोलन के दूसरे दिन बंदी को सफल बनाया. गुरुवार को गोमो के गल्ला व्यवसायियों ने दुकानें बंद रखी. दुकानदारों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. [wpse_comments_template]

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