6 अगस्त 2001 में रखी गई मंदिर की नींव
मंदिर के संस्थापक गुड्डा सिंह ने बताया कि 21 वर्ष पूर्व यानी 6 अगस्त 2001 में इस मंदिर की नींव रखी गई थी और तब से लगातार इस मंदिर में पूजा अर्चना की जा रही है. यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी शनि देव महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है. मंदिर की नींव रखने के बाद लगभग 5 वर्षों तक शनि महाराज की पूजा एक छोटे मंदिर में होती रही. बाद में कमेटी ने आपसी सहयोग से वर्ष 2006 में मंदिर का विस्तार किया.श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ कर अब हजारों में
उन्होंने बताया कि प्रति शनिवार को भोग वितरण किया जाता है. श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ कर अब हजारों में आ गई है. यहां हर शनिवार को लगभग 1000 से भी अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंदिर के स्थापना दिवस पर लगभग 3000 से भी अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. संस्थापक गुड्डा सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्रद्धालु एवं कार्यकर्ताओं का आभार जताया है. कार्यक्रम को सफल बनाने में अनूप झा, दिलीप महतो, पार्थो दा, भावेश दा, गुड्डू रजवार, संजय पेंटर, गानु गुप्ता, धीरज शर्मा, गोपी महतो, आनंद शर्मा, भोला शर्मा, विजय, संजू सरदार, मेजर, शक्ति, मुन्ना, मोहन, डब्लू यादव, सिन्हा जी, ललन सिंह, तरुण आदि का सराहनीय योगदान रहा. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-workers-unity-necessary-against-disinvestment-and-privatization-arup-chatterjee/">धनबाद:विनिवेश और निजीकरण के खिलाफ मजदूरों की एकता जरूरी : अरूप चटर्जी [wpse_comments_template]

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