Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) यहीं तक थी हमारी, उसकी कहानी, दहक कर हो चुकी है आग पानी, , अब वो लड़की पराई हो चुकी है, बॉलीवुड के मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर शुक्ला की बिछड़ी हुई प्रेमिका की कविता पर कोयलांचलवासी झूम उठे. मौका था रविवार को धनबाद के न्यू टाउन हॉल में आयोजित हिंदी साहित्य विकास परिषद की 44 वीं वर्षगांठ का. मुंतशिर ने अपने व्यंग्यपूर्ण अंदाज में कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने अपनी कविताओ में धनबाद के कोयला खदानों में धधकती आग का भी उल्लेख किया. कहा धनबाद से मेरा 30 साल पुराना रिश्ता है, यहां मेरी ललिता दीदी रहती है. उन्होंने केसरी फिल्म का टाइटल सॉन्ग का गीत सुनाकर लोगों में देश भक्ति का संचार किया. बीच बीच में पत्नी और प्रेमिकाओं के किस्से भी सुनाते रहे.
[caption id="attachment_610822" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="182" /> मनोज मुंतशिर की कविताओं पर लोटपोट श्रोता[/caption] ज्ञात हो कि मुंतशिर तेरे मिट्टी में मर जावां, तेरी गलियां, रघुपति राघव सहित एक दर्जन से अधिक हिन्दी फिल्मों के गीत लिख चुके हैं. हिंदी साहित्य विकास परिषद के सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि परिषद की 44 वीं वर्षगांठ पर इस उत्सव का आयोजन किया गया है. शहर में ऐसे आयोजन सदैव होने चाहिए. इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है. अध्यक्ष संजय आनंद ने कहा कि इसी वर्ष सितंबर माह में परिषद के वृहद काव्य ग्रंथ का धनबाद में लोकार्पण होगा. यह कार्यक्रम 24 और 24 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की नामचीन हस्तियां शिरकत करेंगी. कार्यक्रम रात 9 बजे के बाद शुरू हुआ और देर रात तक चला. इस रंगीली शाम में उद्योगपति वीरेंद्र भगत, अनंतनाथ सिंह, चेतन गोयनका, महेश प्रधान, डा संगीता कर्ण, अनिल सिंह, डा निर्मल ड्रोलिया आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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