Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) जिले के चर्चित रंजय हत्याकांड के चश्मदीद और सूचक राजा यादव ने बुधवार 17 मई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में अपना बयान दर्ज कराया. राजा ने घटना का पूर्ण रूप से समर्थन किया व रंजय को गोली मारने के आरोपी नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा की भी पहचान की. नंदकिशोर सिंह होटवार जेल रांची में बंद है, जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश किया गया था, जबकि हर्ष सिंह हाजिर नहीं थे. उनकी ओर से प्रतिनिधित्व का आवेदन दिया गया था. चश्मदीद की ओर से अधिवक्ता पंकज प्रसाद, रंजय की पत्नी रूमी सिंह की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने पैरवी की. अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा एवं अवधेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया. बचाव पक्ष की ओर से प्रति परीक्षण अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने किया.
कड़ी सुरक्षा में राजा पहुंचा कोर्ट
राजा यादव द्वारा अपनी जान को खतरा बताए जाने के बाद अदालत ने सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश एसएसपी को दिया था. आदेश के आलोक में बुधवार को स्पेशल फोर्स के जवान राजा यादव और मृतक रंजय सिंह की पत्नी रूमी सिंह को लेकर वज्र वाहन से धनबाद कोर्ट पहुंचे. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में राजा यादव का बयान दर्ज किया गया. उंगली दिखाकर कहा इसी ने मारी थी गोली
चश्मदीद ने बयान में कहा कि 29 जनवरी 17 की संध्या पांच बजे वह रंजय सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह के साथ स्कूटी से रघुकुल सराय ढेला के आगे चाण्क्य नगर जा रहा था. रघुकुल के गेट पर पहले से दो व्यक्ति खड़े थे और हम लोगों की ओर इशारा कर कुछ बात कर रहे थे. चाणक्य नगर में कुछ देर रुकने के बाद जब वह और रंजय स्कूटी से वापस सिंह मेंशन के लिए चला और करीब संध्या 5:30 बजे रामेश्वर तिवारी के घर के पास पहुंचा तो वहां सड़क खराब होने के कारण गाड़ी धीरे कर दी. तभी पहले से घात लगाकर बैठे दो व्यक्ति सामने आ गए. उनमें से एक ने रंजय सिंह की कनपटी में सटाकर गोली मार दी. रंजय जब नीचे गिर गए तो उस पर और फायर करने लगे. साथ वाले नाटा कद के व्यक्ति ने भी उस पर गोली चलाई जो उसे नहीं लगी. डर कर भागा तो पीछे से चलाई गोली
वह जब डर कर भागने लगा तो नाटा कद वाले व्यक्ति ने पीछे से उस पर गोली चलाई, जो उसे नहीं लगी. फिर नाटा कद वाला व्यक्ति लौटकर आया और रंजय भैया पर गोली चलाई. इसी बीच लंबा कद वाला व्यक्ति मोटरसाइकिल स्टार्ट कर खड़ा हो गया. वह पल्सर मोटरसाइकिल थी, जिसका रंग काला था. उस पर बैठकर दोनों रघुकुल की ओर भाग गए. जब लंबा कद वाला व्यक्ति रंजय भैया को गोली मार रहा था तो नाटा कद वाला फोन पर बोल रहा था कि बॉस काम फाइनल हो गया. समयाभाव में पूरी नहीं हो सकी गवाही
गवाह ने कहा कि घटना की जानकारी उसने रंजय भैया के भाई संजय भैया को फोन पर दी. वह आए, फिर घायलावस्था में रंजय को उठाकर सेंट्रल हॉस्पिटल सरायढेला ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. राजा यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा को उंगली दिखा कर कहा कि यही वह व्यक्ति है, जिसने रंजय भैया को गोली मारी. इसे उसने हर्ष सिंह के साथ सरायढेला व कतरास मोड में भी देखा था. राजा यादव ने बताया कि उसने ही हमलावरों का स्केच बनवाया था और जेल में टीआईपी में भी हमलावर की पहचान की थी. समयाभाव के कारण आज राजा यादव की गवाही पूरी नहीं हो सकी. अदालत ने प्रति परीक्षण के लिए गुरुवार 18 मई की तारीख तय की है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment