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धनबाद:  उपभोक्ताओं को भरमा रही सौ यूनिट फ्री बिजली की घोषणा

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) झारखंड सरकार की 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना में भी बिजली विभाग ने पलीता लगा दिया है. उपभोक्ताओं को उल्लू बनाने के इस खेल में बिजली विभाग ने ऐसी शर्तें लगा दी हैं, जिससे कम लोगों को ही इसका लाभ मिले या पिर मिले ही नहीं. इन शर्तों के बारे में बहुत कम लोगों को पता है. शर्त यह है कि हर दिन 3.34 यूनिट तक बिजली खपत करनी होगी, तभी 100 यूनिट तक फ्री बिजली मिलेगी. यदि मासिक बिल 91 यूनिट आया है और प्रति दिन 3.34 यूनिट से अधिक बिजली की खपत की है तो बिल का पूरा भुगतान करना होगा. झारखंड बिजली वितरण निगम के इस नियम से लोग परेशान हैं. हर दिन बिल को लेकर निगम का चक्कर काट रहे हैं, जहां उन्हें समाधान की जगह नियम और कायदे का पाठ पढ़कर वापस आना पड़ता है.

 उपभोक्ताओं के दर्द की कोई दवा नहीं

बिल की समस्या लेकर बिजली विभाग के कार्यालय तक दौड़ लगानेवाले चिरागोड़ा निवासी गिरधारी प्रसाद ने बताया कि 3 मार्च को उन्हें बिल मिला था. पूरे महीने उन्होंने सिर्फ 91 यूनिट बिजली खपत की. मगर 428 रुपये का बिल थमा दिया गया. इसे सुधारने के लिए बिजली विभाग के सबडिवीजन ऑफिस पहुंचा. अब वहां नियम कानून समझाया जा रहा है और पूरा बिल जमा करने को कहा जा रहा है. एक अनय उपभोक्ता विकास कुमार की पीड़ा और गहरी है. वह घर में अकेले रहते हैं. कहते हैं कि स्वाभाविक रूप से बिजली कम ही जलाते हैं.  हर माह 100 यूनिट से कम बिजली की खपत होती है.  फिर भी बिल के रूप में 500 रुपये भुगतान करने को कहा जा रहा है. प्रकाश कुजूर ने कहा कि फ्री जैसा कुछ नहीं है, सिर्फ आई वाश है. बिजली विभाग ने जो नियम लागू किया है, उसमें तो ज्यादातर लोग फेल हो जाएंगे.

 क्या कहते हैं बिजली विभाग के कर्मी

बिजली विभाग के कर्मी जय प्रकाश ने बताया कि फरवरी माह के बिजली बिल को लेकर लोगों में शिकायत है. 100 से कम यूनिट आने पर भी कई लोगों का बिल आया है, लेकिन साथ ही सब्सिडी भी दी गई है. पूरा बिल माफ नहीं किया गया है. उपभोक्ताओं को समझा रहे हैं और क्या कर सकते हैं. बिलिंग सॉफ्टवेयर ऑटोमेटिक सब कुछ करता है. 30 दिन या उस से कम समय में हर दिन 3.34 यूनिट तक बिजली खपत करेंगे, तभी फ्री बिजली मिलेगी. यही बात शिकायतकर्ताओं को भी बताई जा रही है.

  बिलिंग का सॉफ्टवेयर ऑटोमेटिक : एसबी तिवारी

कार्यपालक अभियंता एसबी तिवारी का कहना है कि बिजली बिलिंग का सॉफ्टवेयर ऑटोमेटिक सब कुछ करता है. सिर्फ मीटर के पास जाकर स्कैन करने की जरूरत पड़ती है. मैनुअली कुछ नहीं होता है, इसलिए नियम के अनुरूप ही बिजली बिल आएगा. इसके बाद भी कोई गड़बड़ी है तो कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है. [wpse_comments_template]
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