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धनबाद: नौकरी लगाने के नाम पर ठगी के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज

भुक्तभोगियों ने किया 15 लाख रुपये का भुगतान, वापस मांगने पर जान मारने की दी धमकी

Dhanbad:  धनबाद सिविल कोर्ट में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर दो युवकों से 15 लाख रुपये ठगी करने के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्वयंभू की अदालत ने आरोपी पटना निवासी योगेश लाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. प्राथमिकी धनसार निवासी धीरज कुमार रजक व गया निवासी संतोष कुमार की शिकायत पर जोडाफाटक निवासी बैंक ऑफ बडौदा गोविंदपुर के सहायक मैनेजर मनीष कुमार,  पटना निवासी पंकज कुमार,  संतोष कुमार  व योगेश लाल के खिलाफ धनसार थाने में दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक बैंक ऑफ़ बडैदा गोविंदपुर ब्रांच के सहायक मैनेजर मनीष कुमार ने सिविल कोर्ट में चपरासी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग की. आरोप है कि दोनों युवकों ने कुल 15 लाख रुपये का भुगतान किया. आरोप है कि धीरज ने पचास हजार रुपये मनीष की पत्नी के खाते में एवं सात लाख रुपये मनीष को दिये.  दीपक कुमार ने मनीष के कहने पर साढे सात लाख रुपये उसके सगे भाई पंकज कुमार, उनके मित्र संतोष कुमार व उनके पिता योगेश लाल को पटना में जाकर दिया. आरोप है कि उन लोगों ने दोनों युवकों का सर्टिफिकेट भी अपने पास रख लिया. पैसा वापस मांगने पर जान मारने की धमकी दे रहे हैं.

 धीरेन्द्र हत्याकांड में फहीम की हुई पेशी

धनबाद: ठेकेदार धीरेन्द्र सिंह की हत्या के चर्चित मामले की सुनवाई जिला व सत्र न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में हुई.सुनवाई के दौरान फहीम खान को होटवार जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया. मंसूर खान खुद हाजिर थे. अदालत ने बचाव पक्ष के  अधिवक्ता शाहाबाज सलाम व कुमार मनीष को बहस करने का आदेश दिया है. 28 जनवरी 2013 को करीब साढ़े तीन बजे सूर्यविहार कॉलोनी बरटांड़ निवासी ठेकेदार धीरेन्द्र प्रताप सिंह की उसके घर के समीप गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. [wpse_comments_template]

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