Search

 
 
 

धनबाद : 25 लाख की धोखाधड़ी के नए मामले में अरूप चटर्जी रिमांड पर

 
Dhanbad : धोखाधड़ी के एक नए मामले में 25 अगस्त को न्यूज 11 भारत के निदेशक अरूप चटर्जी को रिमांड कर लिया गया. प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी संतोषनी मुरमुर की अदालत ने सहायक लोक अभियोजक एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता एस. रिटोलिया की दलील सुनने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. प्राथमिकी लोदना बाजार निवासी कुंदन पासवान की शिकायत पर 31 जुलाई 22 को तीसरा थाने में दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक वर्ष 2014 में उसने अपनी मां सुमित्रा देवी के नाम से 25 लाख रुपया चिटफंड कंपनी केयर विजन इंफ्रा स्ट्रक्चर एंड एग्रीटेक लिमिटेड में जमा कराया था. इसके एवज में बताया गया था कि प्रत्येक माह 3000 आपकी मां के खाते में 5 वर्ष तक आएगा. पैसा जमा करने के बाद 5 - 6 माह तक उसकी मां के खाते में पैसा आया. उसके बाद पैसा आना बंद हो गया.  अरूप चटर्जी ने पैसा लौटाने से भी इंकार कर दिया था.

नीरज हत्याकांड में संजीव सिंह की पेशी

पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या के आरोप में जेल में बंद झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह,  धनजी सिंह, डब्लू मिश्रा, संजय सिंह, पिंटू सिंह, अमन सिंह, शिबू उर्फ सागर, सोनू  उर्फ कुर्बान, सतीश उर्फ रोहित उर्फ चंदन एवं मास्टरमाइंड पंकज सिंह को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में 25 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया. शिबू सिंह की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में आवेदन दायर कर बताया कि झारखंड उच्च न्यायालय ने उनके मामले में 19 सितंबर 22 तक सुनवाई के लिए रोक लगा दी है. झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह की अपने अधिवक्ता से मुकदमे के संबंध में बातचीत करने की इजाजत संबंधी 20 अगस्त 22 को दायर याचिका पर पर भी सुनवाई हुई. अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने दलील देते हुए कहा कि उन्हें या तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से या फिर जेल में बात करने की इजाजत दी जाए. अदालत ने मामले पर सुनवाई के लिए 3 सितंबर 22 की तारीख निर्धारित की है, यह भी पढ़ें : सिंदरी">https://lagatar.in/dhanbad-ruckus-on-lucky-in-sindri-firing-3-police-officers-injured/">सिंदरी

में “लक्की” पर बवाल, फायरिंग, 3 थानेदार घायल [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही