Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) शहर के सबसे बड़े अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ( एसएनएमएमसीएच ) में इन दिनों शाम ढलते ही वार्ड में यमराज बन कर सांड़ घूमते दिख जा रहे हैं. इसके बाद अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के बीच दहशत फैल गई है. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो रात के अंधेरे में सांड़ का काला रंग व डरावना रूप साक्षात यमराज का आभास कराता है. मरीज अपने परमात्मा को याद करने लगते हैं. क्योंकि ये सांड़ शहर में कई बार यमराज की भूमिका निभा चुके हैं. कई लोगों को अपने नुकीले सींग की मार से अस्पताल पहुंचा चुकें है तो कई लोगों को यम लोक की सैर करा दी है.
गिने-चुने द्वार पर ही रहते हैं गार्ड
एसएनएमएमसीएच में मरीजों व परिजनों के प्रवेश के लिए कई द्वार हैं, जो पूरी रात खुले रहते हैं. परंतु प्रबंधन ने कुछ गिने चुने द्वार पर ही गार्डों की तैनाती की है. इधर शाम ढलते ही द्वार पर तैनात गार्ड भी लापरवाह हो जाते हैं या फिर गायब. शाम के सन्नाटे का फायदा उठा कर भोजन की तलाश में घूम रहे आवारा सांड़ अस्पताल के वार्ड में घुस जाते हैं. अस्पताल में इलाजरत मरीजो में भय का माहौल है. बीमारी से बचने आए तो गले पड़ा सांड़
एसएनएमएमसीएच में मरीज बीमारी का इलाज कराने आते हैं, मगर यहां सांड़ गले पड़ रहा है. मरीजों व परिजनों का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण यह सब देखना पड़ रहा है. मरीजों की सुरक्षा की चिंता प्रबंधन को है ही नहीं. अस्पताल में प्रवेश के कई द्वार हैं, जो रात में भी खुले रहते हैं. रात होते ही गार्ड लापरवाह हो जाते हैं या फिर गायब. अस्पताल में आवारा पशुओं के साथ असामाजिक तत्व भी तो प्रवेश कर सकते हैं. इन तमाम समस्याओं से अस्पताल प्रबंधन आंख मूंदे हुए है. सांड़ को रहती है भोजन की तलाश
एसएनएमएमसीएच में बड़े भाई का इलाज करा रहे रमेश महतो कहते हैं कि दिन के उजाले में अस्पताल परिसर के आसपास भटकने वाले सांड़ शाम ढलते ही भोजन की तलाश में वार्ड को अंदर घुस जाते हैं और मरीजों के बेड की बगल में रखे ब्रेड, रोटी अथवा बिस्किट के पैकेट भी झपट लेते हैं. कुछ मरीज तो उन्हें भगाने की कोशिश भी करते हैं. कुछ महिलाएं व मरीज सांड़ का डरावना रूप देख चीखने-चिल्लाने लगती हैं. मरीजों के बीच अजीब सा खौफ का माहौल पैदा हो गया है. शहर में कई लोगों को किया घायल, वृद्ध को मौत की नींद सुलाई : शहर में आवारा घूम रहे सांड़ विगत एक वर्ष में कई लोगों को अस्पताल पहुंचा चुके हैं. एक वृद्ध की तो मौत भी हो गयी. शहर के हीरापुर, रणधीर वर्मा चौक, स्टील गेट, पुराना बाजार, मनईटांड़ सहित अन्य जगहों पर लगभग 12 लोगों को सांड़ घायल कर चुका है. विगत 2 दिसंबर 2022 को सांड के हमले से घायल करमदाहा निवासी वृद्ध मजदूर की मौत हो गयी. क्या कहते हैं अधिकारी
अस्पताल के अंदर आवारा पशुओं के घुसने की बात एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक अरुण कुमार बर्णवाल ने भी स्वीकार की है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रवेश के लिए अनेक अनधिकृत रास्ते हैं, जिससे रात के अंधेरे में पशु अस्पताल के भीतर प्रवेश कर जाते हैं. इन अनधिकृत रास्तों को बंद करने के लिए जिला प्रशासन के साथ बैठक भी की जा चुकी है. जिला प्रशासन की कुछ अपनी परेशानियों के कारण अब तक इन अनधिकृत रास्तों को बंद नहीं किया जा सका. उन्होंने कहा कि जल्द ही अनधिकृत प्रवेश द्वार बंद कर दिये जाएंगे. सिर्फ दो प्रवेश द्वार ही रात्रि में खुले होंगे, जहां हमारे गार्ड मौजूद रहेंगे. [wpse_comments_template]
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