(Dhanbad) के महानिदेशक प्रभात कुमार और भारत में स्वीडन दूतावास के काउंसिलर मार्क्स लुंडग्रेन ने 23 अगस्त को आईआईटी आईएसएम में सैंडविक माइनिंग ऑटोमेशन लर्निंग सेंटर का उद्घाटन किया. महानिदेशक ने कहा कि खनन को और बेहतर बनाने के लिए नित नई तकनीक विकसित हो रही है. ऑटोमेशन से ही यह संभव है. इसके लिए कर्मियों को ट्रेनिंग जरूरी. एक ट्रेंड कर्मी सुरक्षित तरीके से काम करेगा. इससे काफी हद तक खदानों में दुर्घटनाएं रुक सकती हैं.
भविष्य में नई तकनीक का होगा इस्तेमाल : प्रो. राजीव
आईआईटी आईएसएम के निदेशक प्रो. राजीव शेखर ने कहा कि आने वाले समय में खनन न्यू टेक्नोलॉजी, स्वचालन और डिजिटलाइजेशन पर आधारित होगा. इसमें यह लर्निंग सेंट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने संस्थान में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, आईटी सेक्टर, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, माइनिंग इंजीनियरिंग में बदलाव की बात कही. उप निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि यह लर्निंग सेंटर विद्यार्थियों को खनन इंजीनियरिंग की बारीकियों से अवगत कराएगा. उन्हें माइंस ऑटोमेशन और डाटा एनालिटिक्स को समझने में काफी मदद मिलेगी. मौके पर निजी संस्थान सैंडविक एशिया एमडी किरण आचार्य, कंट्री हेड एवं प्रेसिडेंट अशोक तरु चट्टोपाध्याय, रॉक टेक्नोलॉजी इंडिया के मनोजित हलदार और आईआईटी-आईएसएम के उपनिदेशक धीरज कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-high-court-stayed-the-hearing-in-the-lower-court-of-neeraj-singh-murder-case/">धनबाद: नीरज सिंह हत्याकांड की निचली अदालत में सुनवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक [wpse_comments_template]

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