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धनबाद: वीरता, त्याग एवं बलिदान की प्रतिमूर्ति थे बाबू कुंवर सिंह: सुभाष चौधरी

Katras/ Baghmara  सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बाघमारा में सोमवार को 1857 स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर कुंवर सिंह की जयंती का आयोजन किया गया. विद्यालय के आचार्य सुभाष चौधरी, विवेकानंद ओझा और संतोष साहू ने कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया. छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आचार्य सुभाष चौधरी ने कहा कि बाबू कुंवर सिंह अदम्य साहस, वीरता, त्याग एवं बलिदान की प्रतिमूर्ति थे. 80 वर्ष की उम्र में भी देश के लिए स्वयं को समर्पित कर देने की भावना से ओतप्रोत थे. उन्होंने कहा कि किसी भी काम के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती इसके सच्चे उदाहरण हैं बाबू वीर कुंवर सिंह. युवाओं को उनके साहस,पराक्रम और वीरता से प्रेरणा लेनी चाहिए. आचार्य संतोष साहू ने कहा कि वीर कुंवर सिंह की वीरता इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है. हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए. इस अवसर पर विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन से संबंधित कविता और कहानियां प्रस्तुत की एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों को अनुकरणीय बताया. मौके पर आचार्या अनिता साव, प्रीति, नीतू ,आचार्य संजय गोस्वामी,अक्षय‌ तिवारी, शंभू शरण आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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