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धनबाद : झरिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला में पूर्व शाखा प्रबंधक की जमानत अर्जी खारिज

 

सभी आरोपियों पर गैर कोल कर्मियों को ऋण के भुगतान का आरोप

Dhanbad: झरिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले के आरोपी जेल में बंद बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक सखी चंद महतो की जमानत अर्जी शनिवार 19 अगस्त को निगरानी के विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत ने खारिज कर दिया. अदालत बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की बहस पहले ही सुन चुकी है. एसीबी ने 28 दिसंबर 2020 को सखी चंद महतो को बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के आसनबनी से गिरफ्तार किया था. इस मामले में एसीबी ने विनोद कुमार,अखिलेश कुमार, नंद किशोर मिश्रा, रमोद नारायण झा, शेष नाथ सिंह, तंत्र नाथ झा,परशु राम  चौहान,सखी चंद महतो और घनश्याम मंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इस कांड के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर के एन सिंह ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. सभी आरोपियों पर कोल कर्मियों को ऋण न देकर गैर कोल कर्मियों को ऋण के भुगतान का आरोप है.

परशुराम चौहान की अर्जी खारिज

इस मामले में अदालत ने परशुराम चौहान की ओर से दायर तीन गवाहों को रिकॉल करने के आवेदन को खारिज कर दिया है. इस मामले में परशुराम चौहान को छोड़कर शेष सभी आरोपियों का सफाई अभियान दर्ज हो चुका है. अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 24 अगस्त 2023 तय कर दी है.

रिश्वतखोर दारोगा के खिलाफ गोपाल ने दी गवाही

धनबाद:  रिश्वतखोरी मामले में आरोपित प्रशिक्षित दारोगा मुनेश तिवारी के मामले में शनिवार को निगरानी के विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत में अभियोजन की ओर से निगरानी के विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने गोपाल ठाकुर की गवाही कराई. गवाह ने घटना की पुष्टि की.बचाव पक्ष की ओर से प्रति परीक्षणनहीं किया जा सका. अदालत ने प्रति परीक्षण के लिए 2 सितंबर 2023 की तिथि तय कर दी है. गौरतलब है कि एसीबी की टीम ने 26 सितंबर 2020 को गोविंदपुर थाना के प्रशिक्षु दारोगा मुनेश तिवारी को तिवारी को कोयला व्यवसायी रमेश पांडे से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. इस मामले में अदालत ने 7 अगस्त 2023 को मुनेश के खिलाफ आरोप का गठन किया था. [wpse_comments_template]
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