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धनबाद : बीबीएमकेयू के छात्र-छात्राओं ने यूजीसी नेट परीक्षा में लहराया परचम, बने सहायक प्रोफेसर

 
सफल विद्यार्थियों में दृष्टि बाधित दिव्यांग और गृहिणी भी शामिल
Dhanbad : बीबीएमकेयू के छात्र-छात्राओं ने यूजीसी नेट परीक्षा पास कर सहायक प्रोफेसर बनने में कामयाबी हासिल की है. सफल छात्र-छात्राओं में दृष्टि बाधित दिव्यांग समेत गृहिणी भी शामिल हैं. [caption id="attachment_711989" align="alignnone" width="269"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/RENUKA-KUMARI-269x300.jpg"

alt="" width="269" height="300" /> रेणुका कुमारी[/caption] बरवड्डा थाना क्षेत्र के छोटा जमुआ गांव निवासी रेणुका कुमारी ने 97.31 प्रतिशत अंक हासिल कर यूजीसी नेट क्वालिफाई किया है. रेणुका ने पनी कामयाबी का श्रेय अपने शिक्षक गिरीश कुमार शांडिल्य के साथ-साथ पिता नागेश्वर प्रसाद महतो और बड़े भाई ओम प्रकाश महतो को दिया है. [caption id="attachment_711990" align="alignnone" width="239"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/MANISHA-KUMARI-239x300.jpg"

alt="" width="239" height="300" /> मनीषा कुमारी[/caption] सफल विद्यार्थियों में 86.81 प्रतिशत अंक लेने वाली धनबाद की बाबूडीह निवासी मनीषा कुमारी भी शामिल हैं. मनीषा ने अपनी सफलता का श्रेय पिता विनोद पासवान और मां हेमंती देवी के साथ-साथ शिक्षकों को दिया है. [caption id="attachment_711992" align="alignnone" width="223"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/ANIL-HAZAM-223x300.jpg"

alt="" width="223" height="300" /> अनिल हजाम[/caption] बोकारो जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र के बिरनी गांव निवासी अनिल हजाम ने भी यूजीसी नेट क्वालिफाई किया है. इन्होंने स्नातक की पढ़ाई विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग और एमए की पढ़ाई बीबीएमकेयू धनबाद से पूरी की है. अनिल ने अपनी सफलता का श्रेय पिता जानकी हजाम, मां पैरो देवी, बड़े भाई सुनील हजाम और शि7क गिरिश कुमार शांडिल्य को दी है. पिता गांव में प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं. [caption id="attachment_711993" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/SUNITA-KUMARI-300x260.jpg"

alt="" width="300" height="260" /> सुनीता कुमारी[/caption] तोपतांची गणेशपुर की रहने वाली सुनीता कुमारी भी यूजीसी नेट क्वालिफाई कर सहायक प्रोफेसर बनी हैं. गृहिणी रहने के बावजूद इन्होंने दिन-रात मेहनत की और 98 प्रतिशत अंक लेकर सफलता हासिल की है. सुनीता कुमारी ने कामयाबी का श्रेय पति संदीप कुमार पटेल, पिता तुलसी महतो और शिक्षक गिरिश कुमार शांडिल्य को दिया है. [caption id="attachment_711994" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/ANANYA-300x199.jpg"

alt="" width="300" height="199" /> अनन्या भट्टाचार्य[/caption] जनसंचार विभाग के सत्र 2018 -20 की छात्रा अनन्या भट्टाचार्य ने जनसंचार एवं पत्रकारिता विषय में यूजीसी नेट की परीक्षा में परचम लहराया है. अनन्या को 300 में से 188 अंक प्राप्त हुए हैं. अनन्या ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए विभाग के शिक्षक डॉ.विकास चंद्र और पवन कुमार पांडेय को प्रोत्साहन व मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता जाहिर की है. [caption id="attachment_711996" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/OM-PRAKASH-CHAURASIA-300x300.jpg"

alt="" width="300" height="300" /> ओम प्रकाश चौरसिया, दृष्टि बाधित छात्र[/caption] सफल विद्यार्थियों में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी दृष्टि बाधित दिव्यांग भी शामिल हैं. दृष्टि बाधित दिव्यांग होने के बावजूद इन्होंने कठिन परिश्रम कर सफलता का परचम लहराया. इन्हें 84.98 प्रतिशक अंक मिले हैं. इन्होंने भी अपनी सफलता का श्रेय गुरु गिरीश कुमार शांडिल्य के साथ-साथ पिता दिनेश प्रसाद चौरसिया और मां राम सिंगारी देवी को दिया है. यह">https://lagatar.in/dhanbad-australian-experts-said-that-it-is-possible-to-solve-the-worlds-problems-through-the-language-of-space/">यह

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