मित्रों के बुलाने पर भी नहीं खोला दरवाजा तो हुआ संदेह
रवि बाउरी ने बताया कि उनके भांजा सुमित को मंगलवार 7 फरवरी की सुबह क्रिकेट खेलने के लिए उसके दोस्त बुलाने आए. परंतु दरवाजा खटखटाने के बाद भी वह बाहर नहीं निकला. दोस्तों के साथ खिड़की से झांक कर अंदर देखा तो सुमित लोहे की रेलिंग में नायलॉन रस्सी के सहारे फांसी पर झूल रहा था. आनन-फानन में बलपूर्वक दरवाजा खोला. तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. [caption id="attachment_547845" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> जांच पड़ताल करती पुलिस[/caption] मृतक की मां रानी देवी, बड़े भाई अमित बाउरी व अन्य परिजनों को सूचना दी. तिसरा थाना पुलिस को भी जानकारी दी गई. सूचना मिलने पर तिसरा थाना के एसआई सुनील चौधरी दल बल के साथ पहुंचे. पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए धनबाद एसएनएमएमसीएच भेज दिया. मृतक का मोबाइल भी पुलिस ने जांच पड़ताल के लिए जब्त कर लिया है.
पड़ोस की युवती से था प्रेम, उसकी होनेवाली थी शादी
परिजनों ने बताया कि मृतक के पिता जयरामपुर कोलियरी में कार्यरत थे. बीमारी के कारण बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत सालका गांव में 1998 में उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनकी पत्नी व मृतक की मां रानी देवी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली. वह लोदना क्षेत्र के कुजामा कोलियरी में कार्यरत है. सुमित ज्यादातर गोलकडीह स्थित अपने पुराने आवास में रहता था. चांद कुइयां अपनी मां के पास आते जाते रहता था. समीप में ही मामा रवि बाउरी का भी आवास है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पड़ोस की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था. फरवरी माह के अंत में युवती की दूसरे युवक से शादी होनेवाली थी. एसआई सुनील चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा. सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल की जा रही है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-fire-broke-out-in-dgms-campus-firefighters-engaged-in-extinguishing/">धनबाद:डीजीएमएस कैंपस में लगी आग, बुझाने में जुटे दमकल कर्मी [wpse_comments_template]

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