Dhanbad : बीबीएमकेयू के अधीन कालेजों में भाषा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है. अब बांग्ल और उर्दू के छात्र-छात्राओं को परीक्षा में इसी भाषा में उत्तर लिखने होंगे, जबकि शेष अन्य भाषाओं के विद्यार्थी हिंदी या अंग्रेजी में प्रश्नों का जवाब दे सकते हैं. यह निर्णय शनिवार को बीबीएमकेयू एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया. कुलपति डा. राम कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नौ प्रस्तावों पर चर्चा हुई. निर्णय लिया गया कि फार्मा और नर्सिंग की पढ़ाई के लिए फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया व इंडियन नर्सिंग काउंसिल के रेगुलेशन को ही ग्रहण किया जाएगा. अब इसी रेगुलेशन के आधार पर बीबीएमकेयू से संबद्ध सभी फार्मा और नर्सिंग कालेजों में पठन-पाठन होगा. नई शिक्षा नीति रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार कर मंजूरी के लिए जल्द ही मानव संसाधन विकास विभाग को भेजा जाएगा. स्नातकोत्तर के विभागाध्यक्ष की ओर से काउंसिल को यह प्रस्ताव दिया गया था कि आपदा प्रबंधन विभाग के स्नातकोत्तर थ्योरी पेपर 414 सी को अब 414ए और प्रायोगिक पेपर 415सी को 415ए के नाम से किया जाए. काउंसिल ने इसे भी मंजूरी दे दी.
टॉपर ने नहीं लिया फेलोशिप तो सेकंड को मिलेगा मौका
बीबीएमकेयू में यह प्रविधान है कि पीजी में टॉप आने वाले को विश्वविद्यालय अपने स्तर से फेलोशिप देता है. यह फेलोशिप फर्स्ट या सेकेंड टापर को ही मिलती है. अब इसमें बदलाव किया गया है. यदि फर्स्ट या सेकेंड टॉपर फेलोशिप नहीं लेते हैं, तो उनकी जगह थर्ड, फोर्थ या आगे के क्रम वालों को यह दिया जाएगा. इसके साथ ही यदि फेलोशिप प्राप्त करने वाला बीच माह में विश्वविद्यालय छोड़ देता है तो भी इसका फायदा अगले क्रम वाले को मिलेगा. बीबीएमकेयू में फेलोशिप के तहत 15 हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रविधान है. बैठक में प्रति कुलपति डा. पवन कुमार पोद्दार, प्राक्टर डा. अजीत कुमार समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे. यह भी पढ़ें :
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