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धनबाद : सिंह मेंशन व रघुकुल की खूनी जंग फिर सड़क पर

परिजनों का रघुकुल पर गंभीर आरोप कोयला कारोबार पर वर्चस्व को लेकर छिड़ा है संग्राम Ram Murti Pathak/Sanni Sharma Dhanbad : धनबाद कोयलांचल में दो घरानों के बीच खूनी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. 8 जनवरी की आधी रात को झरिया के तिसरा इलाके में 35 वर्षीय अविनाश सिंह उर्फ सोनू को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. घटना को रात करीब डेढ़ बजे अंजाम दिया गया. इससे रघुकुल और सिंह मेंशन परिवार के बीच चल रही तकरार की खाई और बढ़ गई है. किसी जमाने में एक जुट रहने वाले सिंह मेंशन के भाइयो का वर्चस्व रहता था. बाद के दिनों में भाइयो में हुई तकरार ने संबंधों को तार-तार कर दिया. सभी अलग-अलग हो गए. यूनियन और कोल कारोबार को लेकर सिंह मेंशन और रघुकुल के बीच अक्सर टकराव और विवाद होता रहा है. जख्मी अविनाश उर्फ सोनू के पिता दिनेश सिंह जनता मजदूर संघ (कुंती गुट) गोलकडीह शाखा के सचिव हैं. उनका सिंह मेंशन से पुराना संबंध है. बीसीसीएल कर्मी दिनेश सिंह जयरामपुर के बीसीसीएल क्वार्टर में परिवार के साथ रहते हैं.

अविनाश सिंह को दो गोली लगी...

घायल अविनाश सिंह को दो गोली लगी. आनन-फानन में परिजन उसे एसएनएमएमसीएच ले गए. उसके बाद धनबाद के जालान हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालात गंभीर बनी हुई थी. अविनाश को एक गोली नाक के समीप और दूसरी गोली हाथ में लगी है. गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफेर कर दिया. दुर्गापुर में हेल्थ वर्ल्ड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. अविनाश के भाई मोनू का आरोप है कि जयरामपुर मोड़ के समीप कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर निर्वतमान डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह ने अपने लोगों के साथ घेर कर उसके भाई को गोली मारी है. वहीं, जनता मजदूर संघ के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि किसने चलाई गोली यह पता नहीं है. इधर, तिसरा थाना प्रभारी अभिजीत कुमार ने बताया की लिखित शिकायत मिलने पर मामला दर्ज किया जाएगा.

सोनू की मां बोली- एकलव्य ने मारी गोली...

घायल सोनू की मां मीना सिंह रो-रो कर कह रही थी कि रविवार शाम 4 बजे से ही घर के आसपास 4 गाड़ियां घूम रही थीं. एकलव्य सिंह ने ही मेरे बेटे पर गोली चलाई है.

बेटे का सिंह मेंशन की ओर झुकाव एकलव्य को पसंद नहीं आया : मीना

अविनाश की मां मीना सिंह ने कहा कि हमारे संबंध दोनों ही घरानों से अच्छे रहे हैं. एकलव्य सिंह की माता सरोजनी सिंह भी हमारे आवास अक्सर आती थी, लेकिन मेरे बेटे का झुकाव सिंह मेंशन की तरफ था, जो एकलव्य सिंह को पसंद नही था. रघुकुल चाहता था कि अविनाश सिंह मेंसन छोड़ रघुकुल खेमे में आ जाए. एकलव्य सिंह को अविनाश सिंह का रागिनी सिंह को समर्थन देना पसंद नहीं था, इसी का नतीजा घटना है.

झरिया में फिर जंगलराज कायम : रागिनी 

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रागिनी सिंह सोमवार अहले सुबह दुर्गापुर स्थित हेल्थ वर्ल्ड हॉस्पिटल पहुंची और डॉक्टरों से घायल अविनाश का हाल चाल जाना. इसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ अविनाश सिंह के तिसरा स्थित आवास पहुंची. पुलिस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तिसरा थाना से मात्र 200 मीटर की दूरी पर मनबढ़ुओं ने सरेआम गोलियां चलाई और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. झरिया में फिर जंगलराज कायम हो चुका है. अगर हमले के आरोपी जल्द नहीं पकड़े गए, तो भाजपा जोरदार आंदोलन करेगी.

यूनियन और कोयला कारोबार को लेकर दोनों परिवार आमने-सामने

[caption id="attachment_522132" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/singh-mention-300x141.jpg"

alt="" width="300" height="141" /> सिंह मेंशन[/caption] रघुकुल और सिंह मेंशन परिवार के बीच भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. यूनियन और कोल कारोबार को लेकर कुंती सिंह और बच्चा गुट आमने सामने होते रहे हैँ. खूनी संघर्ष भी होता रहा है. सरायढेला चाणक्य नगर मोड़ पर 29 जनवरी 2017 को संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसके बाद 23 मार्च 2017 को रघुकुल के नीरज सिंह की हत्या कर दी गई. इस मामले को लेकर संजीव सिंह अभी भी जेल में बंद है.

दोनों घरानों में जारी है जंग

[caption id="attachment_522137" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/raghukul-300x249.jpeg"

alt="" width="300" height="249" /> रघुकुल[/caption] दिवंगत सूर्यदेव सिंह और रामाधीर सिंह का परिवार एक साथ हो गया, जो सिंह मेंशन के नाम से जाना जाता है. राजन सिंह और बच्चा सिंह सिंह मेंशन से अलग एक साथ रहने लगे. जिसे लोग आज रघुकुल के नाम से जानते हैं. बाद में संपत्ति विवाद को लेकर दोनों घरानों के बीच दूरियां बढ़ती गईं. नीरज सिंह दिवंगत राजन सिंह के पुत्र थे. जबकि संजीव सिंह दिवंगत सूर्यदेव सिंह के पुत्र हैं. संजय सिंह हत्याकांड में भले ही कोर्ट ने सूर्यदेव सिंह के भाई रामाधीर सिंह को ब री कर दिया, लेकिन रंजय और नीरज हत्याकांड के बाद वही आग एक बार फिर दोनों घरानों के बीच धधक रही है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-renovation-of-jap-headquarters-and-all-police-lines-of-the-state-in-2-years-hemant/">धनबाद

: जैप मुख्यालयों व राज्य की सभी पुलिस लाइंस का 2 वर्ष में जीर्णोद्धार- हेमंत  [wpse_comments_template]

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