इसी क्रम में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में आंदोलन को सफल बनाने के लिए धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों एवं प्रभारियों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक के बाद प्रेस वार्ता कर पोस्टर का विमोचन किया गया.
संघ के महामंत्री उमेश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महासंघ द्वारा घोषित आंदोलन को बीसीसीएल में प्रभावशाली तरीके से संचालित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन श्रमिकों और उद्योगों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में 23 जुलाई से 31 जुलाई तक बीसीसीएल मुख्यालय के मुख्य द्वार सहित सभी कोलियरी क्षेत्रों में गेट मीटिंग की जाएगी.
दूसरे चरण में 5 अगस्त से 14 अगस्त तक बीसीसीएल की सभी खदानों, उनके परिसरों और आसपास के गांवों में जनसंपर्क और जनजागरण अभियान, तीसरे चरण में 25 अगस्त से 5 सितंबर तक मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में नुक्कड़ सभा, सार्वजनिक बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस, चौथे चरण में 15 सितंबर से बीसीसीएल के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद भी अगर श्रमिकों की मांगों पर कोई समाधान नहीं किया गया तो संगठन द्वारा और भी तीव्र आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष कोल इंडिया और मजदूरों के अस्तित्व की रक्षा के लिए है. क्योंकि वर्तमान सरकार कोयला मजदूरों के अधिकार और भविष्य दोनों को खत्म करना चाहती है जिसे भारतीय मजदूर संघ हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेगा.
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