मार्क्सवादी युवा मोर्चा ने मनाई बिनोद बाबू की 100 वीं जयंती
Dhanbad: बिनोद बिहारी महतो की 100 वीं जयंती पर 23 सितंबर शनिवार को मार्क्सवादी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने धनबाद स्टेशन पर झारखंड के पुरोधा बिनोद बिहारी महतो की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये. इस अवसर पर मायुमो जिला अध्यक्ष पवन महतो ने कहा कि बिनोद बाबू का झारखंड आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा है. उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पढ़ो और लड़ो का नारा दिया. उनमें असंभव को संभव कर दिखाने की ताकत थी. सत्तर के दशक में उन्होंने वामपंथ से जुड़े रहकर कई जन आंदोलन किये. झारखंड अलग राज्य की मांग को लेकर उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया और इसके बैनर तले उग्र आंदोलन किया, जिससे कई बार केंद्र सरकार भी सहमी नजर आई. उन्होंने नौजवान पीढ़ी में जोश भरने का काम किया. इस क्रांतिकारी रुख के कारण कई बार उन्हें जेल जाना पड़ा. प्रशासन की ओर से चेतावनी मिली. लेकिन वह कभी झुके नहीं. अंतिम क्षण तक अपने विचार पर कायम रहे. उनकी समाज के प्रति त्याग व तपस्या के कारण विरोधी दल भी उनका सम्मान करते थे. इस अवसर पर जिला सचिव राणा चटराज, जिला उपाध्यक्ष संतोष रवानी, सुरजीत चंद्रा, महेश रजक, बद्री हजारी, मुकेश महतो आदि मौजूद थे.झामुमो कार्यकताओं ने बिनोद बाबू की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
[caption id="attachment_766152" align="aligncenter" width="272"]alt="" width="272" height="181" /> विनोद बाबू को श्रद्धांजलि देते झामुमो नेता-कार्यकर्ता[/caption] Dhanbad: झारखंड आंदोलन के प्रणेता बिनोद बिहारी महतो की जयंती के अवसर पर शनिवार 23 सितंबर को धनबाद स्टेशन स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया. राज्य सरकार के सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने अलग राज्य की मांग से लेकर झारखंड में शिक्षा का अलख जगाने का काम किया था. उनके रास्ते पर चल कर ही स्वर्णिम झारखंड का निर्माण किया जा सकता है. जिलाध्यक्ष लक्ख़ी सोरेन ने कहा कि बिनोद बाबू झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापकों में से एक थे. उन्होंने पढ़ो और लड़ो का नारा दिया था. मौके पर केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमितेश सहाय, केन्द्रीय सदस्य डा० नीलम मिश्रा, अशोक मंडल, सुखलाल मराण्डी,अलाउद्दीन अंसारी, आवास बोर्ड के सदस्य पवन महतो,जिला उपाध्यक्ष मुकेश सिंह, कालीचरण महतो आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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