धनबाद में पिछले साल 60 फीसदी सीटें रह गई थीं खाली
धनबाद के 64 निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के लिए कुल 630 सीटें आरक्षित हैं. इन स्कूलों में बीपीएल बच्चों के नामांकान के लिए हाल ही में लॉटरी हुई है, जबकि कुछ स्कूलों में विवाद के कारण मामला फंस गया है. धनबाद में वर्ष 2020-21 में करीब 470 सीटों पर बीपीएल बच्चों का नामांकन हुआ था और 160 खाली रह गई थीं. वर्ही वर्ष 2021-22 में 40 फीसदी सीटों पर यानी महज 252 बच्चों को नामांकन लिया गया था और यानी 378 सीटें (60 फीसदी) खाली रह गई थीं.सालाना 72000 रुपए आय वालों का लेना है नामांकन
स्कूलों में बीपीएल के लिए आरक्षित श्रेणी में एससी, एसटी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, 40% से अधिक अनाथ व कमजोर वर्ग बच्चे शामिल हैं. अभिभावक की सालाना आय (सभी स्रोतों से) 72000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए.डीएसई कार्यालय में देना है आवेेदन
मापदंड पूरा करने वाले अभिभावकों को बच्चे के एडमिशन के लिए डीएसई कार्यालय में आवेदन देना होता है. आवेदन के साथ आय और जाति प्रमाणपत्र जरूरी है. कागजात की जांच के बाद सही पाए गए आवेदनों को डीएसई कार्यालय स्कूलों में नामांकन के लिए भेजता है.एक बच्चे पर सरकार का 5100 रुपए खर्च
निजी स्कूल में पढ़ने वाले बीपीएल बच्चों का शिक्षण शुल्क सरकार जमा करती है. एक बच्चे मासिक शिक्षण शुल्क 425 रुपए है. यानी सरकार एक बच्चे का सालाना शुल्क 5100 रुपए जमा करती है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=287614&action=edit">यहभी पढ़ें : धनबाद : इस रफ्तार से तो जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण में लग जाएंगे 3 साल [wpse_comments_template]

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