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धनबाद : फि‍र ठगे जाएंगे नि‍जी स्‍कूलों में पढ़ने को इच्‍छुक बीपीएल बच्‍चे

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Dhanbad : धनबाद जिले के निजी स्कूलों में इन दिनों बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग के लिए आरक्ष‍ित सीटों पर नामांकन के लिए गहमा-गहमी चल रही है. बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत राज्‍य के निजी स्‍कूलों की इंट्री कक्षा (नर्सरी, केजी या प्रेप) में 25 प्रतिशत सीटों पर बीपीएल बच्‍चों का एडमिशन लेना है. लेकिन स्‍कूलों की मनमानी और जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते आरक्षि‍त सीटें हर साल खाली रह जाती हैं. बाद में स्‍कूल सामान्‍य वर्ग के अभिभावकों से मोटी रकम लेकर उनके बच्‍चों का एडमिशन ले लेते हैं.  अप्रैल के पहले सप्‍ताह से ही नए सत्र (2022-21) की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं, जबकि जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में अभी बीपीएल बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया ही चल रही है. कब एडमिशन होगा और इन बच्‍चों की पढ़ाई कब शुरू होगी धनबाद के डीएसई इंद्रभूषण सिंह को भी ठीक से पता नहीं. ऐसे में स्‍कूलों में आरक्षि‍त 25 फीसदी सीटें बीपीएल से भर जाएंगी इसकी कोई गारंटी नहीं है. यानी अच्‍छे स्‍कूलों में पढ़ाई की चाहत रखने वाले गरीब परिवारों के बच्‍चे एक बार फि‍र ठगे जाएंगे.

धनबाद में पिछले साल 60 फीसदी सीटें रह गई थीं खाली

धनबाद के 64 निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के लिए कुल 630 सीटें आरक्षित हैं. इन स्‍कूलों में बीपीएल बच्‍चों के नामांकान के लिए हाल ही में लॉटरी हुई है, जबकि कुछ स्कूलों में विवाद के कारण मामला फंस गया है. धनबाद में वर्ष 2020-21 में करीब 470 सीटों पर बीपीएल बच्‍चों का नामांकन हुआ था और 160 खाली रह गई थीं. वर्ही वर्ष 2021-22 में 40 फीसदी सीटों पर यानी महज 252 बच्‍चों को नामांकन लिया गया था और यानी 378 सीटें (60 फीसदी) खाली रह गई थीं.

सालाना 72000 रुपए आय वालों का लेना है नामांकन

स्कूलों में बीपीएल के लिए आरक्षित श्रेणी में एससी, एसटी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, 40% से अधिक अनाथ व कमजोर वर्ग बच्‍चे शामिल हैं. अभिभावक की सालाना आय (सभी स्रोतों से) 72000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए.

डीएसई कार्यालय में देना है आवेेदन

मापदंड पूरा करने वाले अभिभावकों को बच्‍चे के एडमिशन के लिए डीएसई कार्यालय में आवेदन देना होता है. आवेदन के साथ आय और जाति प्रमाणपत्र जरूरी है. कागजात की जांच के बाद सही पाए गए आवेदनों को डीएसई कार्यालय स्‍कूलों में नामांकन के लिए भेजता है.

एक बच्चे पर सरकार का 5100 रुपए खर्च

निजी स्कूल में पढ़ने वाले बीपीएल बच्चों का शिक्षण  शुल्क सरकार जमा करती है. एक बच्‍चे मासिक शिक्षण शुल्‍क 425 रुपए है. यानी सरकार एक बच्‍चे का सालाना शुल्‍क 5100 रुपए जमा करती है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=287614&action=edit">यह

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