क्या है कैच द रेन अभियान
उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि जल शक्ति मिशन का काम पहले से चल रहा है. इस साल इसको कैच द रेन के नाम से शुरू किया गया. उद्देश्य है वर्षा के जल को कहीं भी, कभी भी सरंक्षित करना. इसके तहत जिले में डोभा एवं अमृत सरोवर का निर्माण, वृक्षा रोपण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है. यह सतत प्रक्रिया है, सभी काम के साथ इसे भी करना है. यह कोई स्कीम नहीं है और ना ही जिले में इसके लिये अलग से कोई फंड आता है. सच यह भी है कि खर्च के लिये डीएम एफटी और 15 वें वित्त आयोग की राशि लेते हैं. इसके अलावा जल संरक्षण का काम विधायक निधि से भी होता है, लोगों को जागरूक भी किया जाता है.कैच द रेन की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में कैच द रेन को लेकर कोई नया काम शुरू नहीं किया है. पहले से चल रहे काम को पूरा किया जा रहा है. उप विकास आयुक्त से मिली जानकारी के अनुसार धनबाद जिले में कुल 4060 जलाशय है. अभी तक बारिश के पानी को संग्रहित करने के लिये 252 स्थानों पर जल संग्रहण का काम हुआ है. 4 जगह अभी काम चल रहा है. इस पर अभी तक 8 लाख रुपये खर्च हुए हैं. 799 वाटर शेड का निर्माण हुआ है, 31 का काम चल रहा है, इसपर 8 लाख रुपया खर्च हो चुके हैं.2 स्थानों पर सघन वन का निर्माण
पारम्परिक तरीके से 20 जलस्रोत का काम कराया गया है. इस कार्य में किसी प्रकार का खर्च नहीं है. मनरेगा के तहत यह काम पूरा किया गया है. पानी को दुबारा उपयोग में लाने के लिये 69 स्ट्रक्चर का निर्माण कराया गया है. 1 स्ट्रक्चर का काम अभी चल रहा है. इसके अलावा 2 स्थानों पर सघन वन का निर्माण कराया गया है. इस पर 3 लाख रुपये खर्च हुए हैं. इस काम के लिये जिले में एक नोडल पदाधिकारी है, जिन्होंने अभी तक ना तो किसी को प्रशिक्षण दिया है और ना ही अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिये जागरुकता अभियान चला रहे हैं. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-officers-investigated-the-harassment-case-of-retarded-children-in-jeevan-sanstha/">धनबाद: अधिकारियों ने की जीवन संस्था में मंदबुद्धि बच्चों के उत्पीड़न मामले की जांच [wpse_comments_template]

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