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धनबाद:  केंद्र- राज्य में टसल,लटकी 24 करोड़ की योजना

Mithilesh Kumar Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)  केन्द्र और राज्य सरकार की लड़ाई के कारण धनबाद में गया पुल अंडरपास निर्माण का मामला एक बार फिर अधर में लटक गया है. जमीन रेलवे की है और सड़क बनाना है राज्य के पथ निर्माण विभाग को. इसके लिए 24 करोड़ की राशि भी स्वीकृत है लेकिन दो विभागों के बीच टसल ने शहरियों को प्रतिदिन महाजाम में जीने को मजबूर कर दिया है. धनबाद रेलवे स्टेशन से निकलते ही बैंक मोड़ जाने के लिए गया पुल से गुजरना पड़ता है. यह दो बांस भर सिंगल पथ है, जो रेल लाइन के नीचे है. बगल में श्रमिक चौक है, जहां जाम आम बात है. पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल के डीआरएम कमल किशोर सिन्हा के पदभार ग्रहण करने के बाद रेलवे की जमीन के मुआवजे की मांग नये सिरे से  उठने लगी है. इस बात की पुष्टि पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता दिनेश प्रसाद ने की है. उन्होंने बताया कि अंडरपास के निर्माण को लेकर पहले सहमति बन गई थी. रेलवे अपनी जमीन देने को तैयार था. इसे लेकर किसी प्रकार के मुआवजे की शर्त नहीं रखी गई थी. लेकिन अब कहा जा रहा है कि रेलवे की जितनी जमीन राज्य सरकार लेगी, उसकी राशि का भुगतान करना होगा. उन्होंने बताया कि इस अड़चन को दूर करने के लिए रेलवे के अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है. जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएगा.

      पिछले दो दशक से अंडरपास की उठ रही है मांग

धनबाद के लोगों को सड़क जाम से निजात दिलाने के लिए पिछले दो दशक से अंडरपास की मांग उठ रही है. लेकिन एक दशक तक पूजा टाकीज से नया बाजार तक फ्लाई ओवर की चर्चा हुई, जो पूरा नहीं हो पाया. उसके बाद अंडरपास के निर्माण की बात सामने आई. लेकिन एक दशक जिला प्रशासन को रेलवे के साथ समन्वय बनाने में बीत गया. राज्य सरकार ने गया पुल अंडरपास की राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है. डीएमएफटी फंड से 24 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे. चयनित कंपनी को 18 महीना में अंडरपास का निर्माण करना होगा. जनवरी 2023 में पहली बार टेंडर निकाला गया. लेकिन सिंगल टेंडर होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया.

अभियंता प्रमुख के कारण तीन माह  लटका रहा काम

पथ निर्माण विभाग ने दूसरी बार टेंडर फरवरी में निकाला. छत्तीसगढ़ की मेसर्स शिला कांस्ट्रक्सन दूसरी बार भी टेंडर में शामिल हुई. इसके अलावा नासिक की एबीएएल इंटरप्राइजेज ने टेंडर डाला. लेकिन मुख्य अभियंता के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण राज्य स्तरीय टेंडर कमेटी की बैठक नहीं हुई. तीन माह तक काम लटका रहा. इस माह विभाग में अभियंता प्रमुख के पद पर  केके लाल को पदस्थापित किया गया है.

 अंडरपास में ये होना है काम

गयापुल अंडरपास मौजूदा गया पुल से सटे पश्चिम में रेलवे गोदाम के पास बनाना है. पिछली डीपीआर में संशोधन करते हुए डीएफसीसीआईएल से डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, कोलकाता ने अंडरपास की लंबाई 43 मीटर से बढ़ाकर 65 मीटर कर दी है. लेकिन  चौड़ाई 12.1 मीटर ही रहेगी. यदि रेलवे के साथ शुरू यह नई अड़चन दूर हो जाती है तो अगले साल तक धनबाद श्रमिक चौक से जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. [wpse_comments_template]

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