Dhanbad : धनबाद पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 50 हजार रुपये नकद, 2 लग्जरी कारें, रेलवे के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व मेडिकल सर्टिफिकेट, स्पोर्ट्स कोटा प्रमाणपत्र, कई अभ्यर्थियों के मूल कागजात, फर्जी मुहरें, चेकबुक व महंगे मोबाइल फोन जब्त किए हैं.यह जानकारी सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में दी.
उन्होंने बताया कि गिरोह देश के विभिन्न राज्यों, खासकर दक्षिण भारत के युवाओं को निशाना बनाता था. मामले का खुलासा तब हुआ जब तमिलनाडु के कृष्णागिरी निवासी एस बालाजी ने धनबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपियों ने उनके परिजनों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लाख 47 हजार रुपये ठग लिए. शिकायत के आधार पर धनबाद थाना कांड संख्या 59/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई.
वरीय अधिकारियों के निर्देश पर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई. टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों धैया निवासी संजीत कुमार व सरायढेला निवासी सुबोध कुमार को गिरफ्तार कर लिया. यह गिरोह अभ्यर्थियों का फर्जी स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट तैयार करता था. इसके आधार पर रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया जाता था.
गिरोह के सदस्य युवकों को झांसे में लेकर धनबाद रेलवे अस्पताल में फर्जी मेडिकल बोर्ड बैठाकर उसका नकली मेडिकल कराते थे.इसके बाद ढोकरा रेलवे स्टेशन पर आउटसोर्स कंपनी से सांठगांठ कर तीन महीने की फर्जी ट्रेनिंग भी कराई जाती थी ताकि अभ्यर्थियों को नौकरी पक्की होने का विश्वास हो जाए. गिरोह का एक सदस्य अभ्यर्थियों को ढूंढकर उनसे 6 से 7 लाख रुपये वसूलता था जबकि दूसरा फर्जी दस्तावेज और मेडिकल प्रक्रिया संभालता था.
पुलिस के अनुसार, गिरोह में 10 से अधिक लोग शामिल हैं. सिटी एसपी ने यह भी बताया कि ढोकरा रेलवे स्टेशन पर कार्यरत आउटसोर्स कंपनी और रेलवे अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है जिनकी जांच की जा रही है.गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है और पूरे नेटवर्क को जल्द ध्वस्त किया जाएगा.
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