Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार 26 जुलाई को विद्युत मंत्रालय, झारखंड के सहयोग से टुंडी ब्लॉक ऑफिस में बिजली महोत्सव का आयोजन किया गया. इस अवसर पर दामोदर वैली कोरपोरेशन (डीवीसी) के उप मुख्य अभियंता सह नोडल पदाधिकारी अभिजीत चक्रवर्ती ने लोगों को बताया कि देश अक्षय ऊर्जा स्रोतों से एक लाख 63 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन करता है.
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तय समय सीमा से 9 साल पहले ही लक्ष्य हासिल
2014 में उत्पादन क्षमता 2,48,554 मेगावाट से बढ़कर वर्तमान में 4 लाख मेगावाट हो गई है, जो मांग से 185000 मेगावाट अधिक है.जिस कारण भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहा है. उन्होंने कहा कि 163000 सीकेएम पारेषण लाइनें जोड़ी गई, जो पूरे देश को एक फ्रीक्वेंसी पर चलने वाले एक ग्रिड से जोडती है. लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार सीमा तक यह दुनिया में सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है. इसका उपयोग कर देश के एक कोने से दूसरे कोने तक 1,12,000 मेगावाट बिजली पहुंचा सकते हैं. पेरिस जलवायु सम्मेलन 2021 में भारत ने वचन दिया था कि 2030 तक देश की उत्पादन क्षमता का 40% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से होगा, जबकि तय समय सीमा से 9 साल पहले ही नवंबर 2021 में यह लक्ष्य हासिल कर लिया.2921 नए सब स्टेशन का हुआ निर्माण
उन्होंने कहा कि 2 लाख 1722 करोड़ रुपये के व्यय के साथ देश में पिछले 5 वर्षों में वितरण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया. इसके अंतर्गत 2921 नए सब स्टेशन का निर्माण, 3926 सब स्टेशनों का विस्तार, 6 लाख 4465 सीकेएम एलटी लाइन स्थापित करना, 122123 सीकेएम कृषि फीडर के फीडर पृथक्करण और स्थापना शामिल है. उन्होंने बताया कि 2015 में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 12.5 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही थी, अब बढ़कर औसतन 22.5 घंटे हो गई है. 2018 में 987 दिनों में 100% गांव का विद्युतीकरण (18374) हासिल किया. वहीं 18 महीने में 100% घरेलू विद्युतीकरण (2.86 करोड़) हासिल किया. इसे दुनिया के सबसे बड़े विद्युतीकरण अभियान के रूप में पहचाना गया.बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार पर डाला प्रकाश
उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब नया कनेक्शन प्राप्त करने की अधिकतम समय सीमा अधिसूचित की गई है. रूफ टॉप सोलर को अपनाकर उपभोक्ता अपनी जरूरतों के हिसाब से बिजली का उपयोग कर सकते हैं. समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है. मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समय सीमा अधिसूचित की गई है. समारोह में बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण उपस्थित थे. कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए.बीआईटी सिंदरी के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया. साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और बिजली क्षेत्र पर लघु फिल्म दिखाई गई.ये थे मौजूद
समारोह में डीवीसी के उप मुख्य अभियंता सह नोडल पदाधिकारी अभिजीत चक्रवर्ती, मुख्य अभियंता एस के पांडे, अधीक्षण अभियंता राकेश केसरी, कार्यपालक अभियंता अतीश आनंद, टुंडी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रमुख, उप प्रमुख, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-former-deputy-mayor-eklavya-singh-hit-bcccl-gm-by-throwing-glass/">धनबाद: पूर्व डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह ने BCCCL के GM को ग्लास फेंककर मारा [wpse_comments_template]
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