Dhanbad : धनबाद का गोल्फ ग्राउंड भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन है. यहां मंगलवार को श्याम गुणगान महोत्सव की शुरुआत हुई. इस अवसर पर देश की जानी-मानी साध्वी जया किशोरी ने श्रद्धालुओं को भक्ति का सार समझाया. कहा कि बचपन की भक्ति में सर्वाधिक शक्ति होती है. मीरा बाइ से लेकर ध्रुव व प्रह्लाद जैसे भक्त बचपन से ही भक्ति में लीन रहे. तीन दिवसीय ‘नानी बाई का मायरो’ के पहले दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जया किशोरी जी ने कहा कि जीवन जीने की कला हमें शास्त्रों से सीखने को मिलती है. लेकिन हम कब सीखते हैं, जब बूढ़े हो चुके होते हैं. इसलिए बच्चों को भगवान की कहानियां व कथाएं सुनायें. इससे उन्हें शास्त्रों की जानकारी मिलेगी. साध्वी ने कहा कि हमें अपने बच्चों को अपनी परंपरा व संस्कृति के बारे में शुरू से ही बताना चाहिए. तभी उनका संस्कृति के प्रति आकर्षण बढ़ेगा. घर में दिवाली-होली मनाते तो है, लेकिन बच्चों को यह पता नहीं होता कि हम यह त्योहार क्यों मनाते है. उन्हें इसके बारे में जरूर समझाएं. जया किशोरी जी कार्यक्रम की शुरुआत अपने प्रसिद्ध भजन ‘श्री राधे गोविंदना मन भजले हरि का प्यारा नाम हैं’ से कीं. इसके बाद एक से बढ़कर एक भजनों की लड़ लगा दी, जिसे सुनकर लोग भावविभोर हो उठे. यह भी पढ़ें :
धनबाद : बचपन की भक्ति में सर्वाधिक शक्ति होती है- जया किशोरी
Last Updated: Jan 08, 2025 12:00 AM (IST)