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धनबाद : लू की चपेट में आ रहे बच्चे, एक सप्ताह में संख्या हुई दोगुनी

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Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) इस भीषण गर्मी में बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं.  दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर बच्चों के माता-पिता डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं.  डॉक्टरों का कहना है कि विगत एक सप्ताह में बीमार बच्चों की संख्या दोगुनी हो गई है. तापमान में लगातार वृद्धि और डिहाइड्रेशन बच्चों की बीमारी का मूल कारण है. छोटे बच्चे ज्यादा बीमारी के शिकार हो रहे हैं.

मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब डिहाइड्रेशन के लक्षण

[caption id="attachment_300094" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/dr-nitya-1-300x169.jpeg"

alt="" width="300" height="169" /> शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नित्यानंद[/caption]   बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नित्यानंद ने कहा कि गर्मी बढ़ने से लू के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है. सात दिन पहले 20 से 25 मरीज आ रहे थे. अब इनकी संख्या 35 से 40 हो गई है. डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी मूल समस्या बन रही है. ऐसी स्थिति में उल्टी दस्त के  साथ शरीर का तरल पदार्थ बाहर निकल आता है. बुखार या आंतों में दर्द होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने का असर भी बच्चों पर पड़ता है. मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं. पेय पदार्थ का सेवन करने तथा उल्टी दस्त रोधी दवा लेकर इसे समाप्त किया जा सकता हैं.

तरल पदार्थ के सेवन से टलेगा डिहाइड्रेशन

[caption id="attachment_300136" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/dr-uk-prasad-300x169.jpg"

alt="" width="300" height="169" /> डॉ. यूके प्रसाद[/caption] शिशु रोग विशेषज्ञ यू के प्रसाद कहते हैं कि सात दिन पहले 10 से 12 मरीज आ रहे थे. अब इनकी संख्या 20 से 25  हो गई है. शरीर में पानी की कमी हो जाती है. शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ाई जाए तो बच्चों को स्वस्थ किया जा सकता है. इसके साथ ही गंभीर लक्षण आने पर बच्चों को भर्ती कराना आवश्यक है. डिहाइड्रेशन की समस्या को भी तरल पदार्थ के सेवन से खत्म किया जा सकता है.

ओपीडी में आए 46 बच्चे , 12 को बुखार, उल्टी-दस्त

एसएनएमएमसीएच के बाल रोग विभाग के डॉक्टर अविनाश कुमार ने बताया कि 46 बच्चे ओपीडी में दिखाने आए. उनमें 12 बच्चों को बुखार, जुकाम, उल्टी-दस्त, पेट में दर्द की परेशानी थी. डॉक्टर रवि आनंद ने बताया कि बच्चों को टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद और खाने से पहले साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धुलाने की आदत डालनी चाहिए. अल्कोहल युक्त जल का इस्तेमाल न करने की बात डॉक्टरों ने कही है. जब बच्चा बीमार हो तो  संक्रमित कपड़े का उपयोग नहीं करें. कपड़ों और बिस्तर को गर्म पानी धोना जरूरी है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/clean-water-market-black-in-dhanbad-bus-and-auto-stand/">धनबाद

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