Dhanbad : समावेशी शिक्षा झरिया रिसोर्स सेंटर की ओर से 6 अक्टूबर को सेरेब्रल पाल्सी (प्रमस्तिष्क पक्षाघात) दिवस मनाया गया. इस मौके पर बीमारी से पीड़ित 12 बच्चों को उनका जीवन आसान बनाने के लिए स्पेशल किट दी गई. फ़िज़ियोथेरेपिस्ट डॉ. मनोज सिंह ने उनके परिजनों को फिजियोथेरेपी की तकनीक समझाई और इसे नियमित अपनाने की सलाह दी. कहा कि बीमारी से ग्रसित बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग हो जाते हैं. इसका प्रभाव उनके माता, पिता एवं परिवार पर भी पड़ता है. भारत में प्रति एक हजार में दो बच्चे इस बीमारी से ग्रसित हैं. ऐसे बच्चों को चलने, देखने, सुनने और बोलने में भी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी सेरेब्रल पाल्सी (सीपी) के इलाज में बहुत कारगर है. ऐसे बच्चों को विशेष प्रकार का व्यायाम जैसे न्यूरो वलपमेन्ट तकनीक, गेट ट्रेनिंग और सेंसरी इंट्रिगेशन कराने की जरूरत होती है. इसके साथ ही उनकी मांशपेशियों को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रकार का एक्सरसाइज (व्यायाम) कराया जाता है. रिसोर्स टीचर अखलाक अहमद ने कहा कि भारत मे लगभग 35 से 40 लाख बच्चे सीपी से ग्रसित हैं. ऐसे बच्चों को इलाज से ज्यादा प्यार एवं स्नेह देना जरूरी है. इस बीमारी से ग्रसित झरिया कई बच्चे फिजियोथेरेपी व विहैवियर मोडिफिकेशन के सहारे सामान्य स्कूल में पढ़ाई भी कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-lifetime-achievement-award-to-social-worker-prajwal-bhattacharya/">धनबाद
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धनबाद : सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित बच्चों को इलाज से ज्यादा प्यार की जरूरत- अखलाक

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