जिले के तोपचांची, राजगंज, बरवाअड्डा, गोविंदपुर व निरसा से होकर गुजरने वाला फोरलेन एनएच 2 सुविधा के साथ जानलेवा भी बन गया है. दिल्ली-कोलकाता को जोड्ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क पर वाहनों का हमेशा भारी दबाव रहता है. उसी अनुपात में इलाके में तेज रफ्तार का कहर भी देखने को मिल रहा है.आंकडों के अनुसार, तोपचांची से निरसा तक हर महीने 8 से 10 दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 2 से 4 लोगो की मौत हो जाती है और दर्जनों लोग घायल होते हैं. एनएच के चौराहे और कट लोगों की जान का दुश्मन बन गए हैं. इस स्थिति के लिए जिला पुलिस भी कम जिम्मेवार नहीं है. हाल के दिनों में गिविंदपुर व बरवाअड्डा क्षेत्र में सड़क हादसों में तेजी आई है. गोविंदपुर के सुभाष चौक, अपर बाजार, फकीरडीह साहेबगंज रोड, कालाडीह मोड़, बरवा हटिया, देवली हटिया, बरवाअड्डा के किसान चौक व विजय सिंह पेट्रोल पंप के सामाने अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं. लेकिन प्रशासन इससे पूरी तरह बेखबर है. इन स्थानों पर न तो ट्रैफिक या स्थानीय थाना पुलिस की तैनाती हुई, न ही हादसे रोकने के लिए ट्रैफिक सिग्नल ही लगाए गए.
5 किमी तक लगता है जाम
एनएच के कट और चौराहों पर अक्सर हो रही दुर्घटनाओं से तीन से पांच कलोमीटर तक जाम लग जाता है, जिससे आम लोग परेशान होते हैं. हादसे टालने के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार वहां ट्रैफिक या स्थानीय थाने की पुलिस की तैनाती की मांग की. लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने अनुसुनी कर दी. लायंस क्लब की ओर से साइकिल, ठेला आदि में रेडियम लगाने की पहल भी की गई. पर पुलिस की अनदेखी के कारण इसका कोई फायदा नहीं हुआ.इस साल बढ़ीं दुर्घटनाएं
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल एनएच पर दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है. 9 जुलाई को फुफुवाड़ी में सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. जबकि 21 जून को स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसमें स्कॉर्पियो पर सवार 2 लोगों की मौत हो गई थी. 4 मई को सहिबगंज रोड में पिकअप वैन के धक्के से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी. 23 फरवरी को ट्रैक्टर ने पैदल चल रहे 16 वर्षीय किशोर को रौंद दिया था. वहीं, 20 जनवरी को बरवाअड्डा के जोड़ा पीपल के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक में कार ने टक्कर मार दी थी, जिसमें भी 2 लोगों की मौत हो गई थी.क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस संबंध में पूछे जाने पर गोविंदपुर थाना प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बारबार हो रही दुर्घटनाओं से आम जनता के साथ पुलिस को भी परेशानी झेलनी पड़ती है. कुछ जगहों के लिए ट्रैफिक पुलिस की मांग की गई है. वैसे कभी-कभी ट्रैफिक और थाना पुलिस को तैनात भी किया जाता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/heavy-rain-expected-in-dhanbad-on-july-28-so-far-only-52-of-clouds-have-rained/">धनबादमें 28 जुलाई को भारी बारिश के आसार, अब तक सिर्फ 52% बरसे मेघ [wpse_comments_template]

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